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बापटला जिला: समुद्र तट पर्यटन का नया केंद्र

मुख्य तथ्य आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में समुद्र तट पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर डॉ. वी. विनोद कुमार के अनुसार, केंद्र प्रायोजित…

मुख्य तथ्य

आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में समुद्र तट पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर डॉ. वी. विनोद कुमार के अनुसार, केंद्र प्रायोजित स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत जिले में लगभग 98 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से लगभग 50 करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्लस्टर 1 के तहत कार्यान्वित की जा रही हैं, जो पर्यटन सुविधाओं और आगंतुक अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं।

सूर्यालंका बीच का परिवर्तन

बापटला जिले का सूर्यालंका बीच, जो बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है, अपनी लंबी और शांत तटरेखा के लिए जाना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसका नाम तेलुगू शब्द 'सूर्य' से लिया गया है, क्योंकि यहां से सूर्योदय का पहला प्रकाश समुद्र से निकलता हुआ दिखाई देता है। अब यहां आधुनिक प्रोमेनेड, अनुभव और पार्किंग केंद्र, वॉटर स्पोर्ट्स और हाउसबोट पर्यटन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसमें बैठने की जगह, स्वच्छता सुविधाएं, चेंजिंग रूम और फोटोग्राफी जोन शामिल हैं।

साहसिक पर्यटन और बीच शैक नीति

जिला प्रशासन ने सूर्यालंका बीच और आसपास के चार स्थानों पर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया है। पर्यटक एटीवी राइड, जेट स्कीइंग, वॉटर ज़ोरबिंग और पैरामोटरिंग जैसी गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश सरकार की बीच शैक नीति के तहत पायलट चरण में बापटला जिले में दो बीच शैक स्थापित किए जाएंगे - एक सूर्यालंका बीच पर और दूसरा चिराला के पास रामापुरम बीच पर।

बीच ऑफिस: सुरक्षा और प्रबंधन का नया मॉडल

पर्यटन को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक बीच ऑफिस प्रणाली विकसित की है। यह एकल-खिड़की सेवा और निगरानी केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिसमें समुद्री पुलिस, स्थानीय पुलिस, मत्स्य, पर्यटन, राजस्व, पंचायत, वन और सर्वेक्षण विभाग शामिल होंगे। यह कार्यालय सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, वॉकी-टॉकी, आपातकालीन बचाव उपकरण और आगंतुक सहायता प्रणाली से सुसज्जित होगा। समुद्र तट संचालन सूर्योदय से सूर्यास्त तक दो शिफ्टों में विभाजित किया जाएगा, और रात के समय पहुंच प्रतिबंधित रहेगी।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी

पर्यटन विकास में स्थानीय मछुआरों को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। समुद्र की धाराओं और लहरों के ज्ञान के कारण उन्हें तैराक और बचावकर्मी के रूप में नियुक्त किया गया है। स्थानीय युवाओं को वॉटर स्पोर्ट्स संचालन और समुद्र तट प्रबंधन में रोजगार मिल रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 'बे ऑफ बापटला' पहल के तहत इको-फ्रेंडली जूट बैग और स्मृति चिन्ह बेचने के अवसर दिए जा रहे हैं।

पारिस्थितिकी पर्यटन और बैकवॉटर

बापटला जिले में मैंग्रोव वन, द्वीप पारिस्थितिकी तंत्र और शांत बैकवॉटर भी पर्यटन के लिए विकसित किए जा रहे हैं। प्रशासन बैकवॉटर पर्यटन शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसमें हाउसबोट और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से निर्देशित नाव सर्किट शामिल होंगे। एटिमोगा गांव में एकीकृत तटीय इकोटूरिज्म का प्रस्ताव है, जिसमें मैंग्रोव ट्रेल्स, बोटिंग और अछूते समुद्र तट शामिल होंगे।

पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • सूर्यालंका बीच अब हाल ही में विकसित राष्ट्रीय राजमार्ग 167A के माध्यम से हैदराबाद से सीधे जुड़ गया है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो गया है।
  • पर्यटक एटीवी राइड, जेट स्कीइंग, वॉटर ज़ोरबिंग और पैरामोटरिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं।
  • बीच ऑफिस आपातकालीन सेवाएं, खोई हुई वस्तुएं और शिकायत पंजीकरण जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।
  • स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार ताजा मछली फ्राई और फिश करी जैसे व्यंजन उपलब्ध हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बापटला जिले में पर्यटन विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है?

केंद्र प्रायोजित स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत बापटला जिले में लगभग 98 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

सूर्यालंका बीच पर कौन-कौन सी नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं?

सूर्यालंका बीच पर एक आधुनिक प्रोमेनेड, अनुभव और पार्किंग केंद्र, वॉटर स्पोर्ट्स और हाउसबोट पर्यटन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

बापटला जिले में पर्यटन से स्थानीय समुदाय को कैसे लाभ हो रहा है?

स्थानीय मछुआरों को तैराक और बचावकर्मी के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, युवाओं को वॉटर स्पोर्ट्स में रोजगार मिल रहा है, और महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय उत्पाद बेचने के अवसर दिए जा रहे हैं।

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