प्रमुख तथ्य
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और तमिलनाडु सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने संयुक्त अभियान में गुरुवायुर-चेन्नई एक्सप्रेस से 1,473.97 ग्राम सोने की चोरी के मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। चोरी का सोना लगभग ₹2.5 करोड़ का है। यह घटना 16 मई की सुबह ट्रेन संख्या 16128 में हुई थी।
घटना का विवरण
आरोपियों ने त्रिशूर से तिरुनेलवेली क्षेत्र के आभूषण प्रतिष्ठानों में भेजे जा रहे सोने के आभूषणों से भरे बैग को निशाना बनाया। चोरी के बाद वे कुज़िथुराई रेलवे स्टेशन पर उतर गए और अपनी पूर्व-नियोजित योजना के अनुसार त्रिशूर में फिर से एकत्र हुए, जहां चुराए गए सोने को गिरोह के सदस्यों में बांट दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपी सभी केरल के त्रिशूर जिले के निवासी हैं: कन्नमबाथुर रंजीत, अबू ताहिर, गोपाकुमार, शराफुद्दीन, सिद्दीकी, सुजीत, डॉली और विपिन। एक आरोपी राफेल, जिसने कथित तौर पर गिरोह को सोने के वाहक की विस्तृत जानकारी, तस्वीरें और आवाजाही का विवरण प्रदान किया था, फरार है।
जांच और बरामदगी
एक महीने तक चली जांच में RPF की क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (CIB) और तमिलनाडु GRP ने त्रिशूर और कुज़िथुराई में रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए और उनका विश्लेषण किया। आरोपी बेंगलुरु, अट्टापाडी, तिरुपति और विशाखापत्तनम जैसे स्थानों पर छिपे हुए थे। समन्वित अभियानों के माध्यम से सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में पता चला कि गिरोह के सरगना कन्नमबाथुर रंजीत ने चोरी के तुरंत बाद आभूषणों के एक बड़े हिस्से को सोने की सिल्लियों में पिघला दिया था। अभियान के दौरान 1,087 ग्राम चुराया गया सोना, शेष सोने की बिक्री से प्राप्त ₹49.33 लाख नकद और अपराध में इस्तेमाल की गई दो चार-पहिया वाहन बरामद किए गए। इस प्रकार, पूरी चोरी की संपत्ति बरामद कर ली गई, जो 100% बरामदगी है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों पर डकैती, हत्या, गैंगरेप, नशीली दवाओं की तस्करी और निवारक निरोध के मामले दर्ज हैं। गोपाकुमार चर्चित त्रिशूर हनी-ट्रैप मामले में भी आरोपी है।
अधिकारियों के बयान
पूरा अभियान RPF, तिरुवनंतपुरम के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुहम्मद हनीफ के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में चलाया गया। उन्होंने कहा, "यह एक अत्यधिक चुनौतीपूर्ण जांच थी जिसमें एक संगठित आपराधिक नेटवर्क शामिल था जिसने अपराध की सावधानीपूर्वक योजना बनाई थी और अपनी पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के लिए कई उपाय किए थे। जांच टीम के अथक प्रयासों से मामला सुलझाया गया।"
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरुवायुर-चेन्नई एक्सप्रेस से सोने की चोरी की घटना कब हुई?
यह घटना 16 मई की सुबह हुई थी।
चोरी में कितने सोने की बरामदगी हुई?
जांच में 1,087 ग्राम सोना, 49.33 लाख रुपये नकद और दो गाड़ियां बरामद की गईं, जिससे 100% बरामदगी हुई।
गिरफ्तार आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
सभी आठ आरोपी केरल के त्रिशूर जिले के निवासी हैं।
क्या मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया?
गिरोह का सरगना कन्नमबाथुर रंजीत गिरफ्तार है, जबकि राफेल नाम का आरोपी फरार है।
स्रोत: www.thehindu.com