मुख्य तथ्य
कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में एक रिसॉर्ट में ठहराने की योजना बनाई है ताकि क्रॉस-वोटिंग से बचा जा सके। कांग्रेस चार सीटों पर आरामदायक जीत की उम्मीद कर रही है, जबकि एक सीट पर जनता दल (सेक्युलर) से कड़ी टक्कर है। भाजपा दो सीटों पर आसानी से जीतने की स्थिति में है।
चुनावी रणनीति और तैयारी
कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक 16 जून की शाम बुलाई गई है, जिसके बाद विधायकों को रिसॉर्ट में रुकने के लिए कहा जा सकता है। मतदान के दिन उन्हें सीधे विधान सौधा लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, विधायकों को वोटों के आवंटन के बारे में जानकारी दी जाएगी, क्योंकि यह चुनाव वरीयता मतदान प्रणाली पर आधारित है। मॉक पोलिंग भी होने की संभावना है। हर वोट महत्वपूर्ण है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वोट अमान्य न हों। गुप्त मतदान के कारण क्रॉस-वोटिंग की आशंका बनी रहती है।
उम्मीदवार और संभावित परिणाम
कांग्रेस के उम्मीदवारों में बी.के. हरिप्रसाद, पी.वी. मोहन, तिप्पन्नप्पा कमकनूर और बी.एस. शिवन्ना शामिल हैं, जो आराम से जीतने की उम्मीद है। भाजपा के लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य भी आसानी से जीतेंगे। प्रत्येक उम्मीदवार को 28 वोटों की आवश्यकता है। एक सीट पर कांटे की टक्कर है, जहां जद(एस) के गोविंदराजू का मुकाबला कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक से है।
गठबंधन और वोटों का गणित
भाजपा जद(एस) को सात अतिरिक्त वोट देने की उम्मीद है, जिसके पास 18 सदस्य हैं। भाजपा से निष्कासित सदस्य बसनगौड़ा आर. पाटिल यत्नाल के बाद जद(एस) को 28 वोट पूरे करने के लिए दो वोट कम पड़ेंगे। दूसरी ओर, कांग्रेस के पास एक रैठा संघ सदस्य, दो संबद्ध सदस्यों और भाजपा से निष्कासित दो सदस्यों के समर्थन से आवश्यक 28 वोट होने की संभावना है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- यह चुनाव कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में सत्ता का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
- कांग्रेस की रिसॉर्ट रणनीति दलबदल को रोकने के लिए है, जो कर्नाटक में आम बात है।
- जद(एस) और भाजपा के बीच गठबंधन से कांग्रेस को एक सीट पर चुनौती मिल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव कब होंगे?
ये चुनाव 18 जून को होंगे।
कांग्रेस कितनी सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है?
कांग्रेस चार सीटों पर आरामदायक जीत की उम्मीद कर रही है, जबकि एक सीट पर जद(एस) से कड़ी टक्कर है।
भाजपा कितनी सीटें जीत सकती है?
भाजपा दो सीटों पर आराम से जीतने की उम्मीद है।