मुख्य तथ्य
बेंगलुरु के कडुगोडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक 6 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में उसकी मां प्रियंका और उसके लिव-इन पार्टनर जी.एम. मोहन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह ने तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जिन पर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप है।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह घटना 24 मार्च को हुई। आरोप है कि प्रियंका और मोहन ने बच्ची की हत्या कर इसे दुर्घटना के रूप में पेश करने का प्रयास किया। शुरुआत में पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए अन्नेचुरल डेथ रिपोर्ट (UDR) दर्ज की। बच्ची के पिता प्रवीण को शक हुआ और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने में देरी की। प्रवीण के लगातार प्रयासों के बाद 4 जून को मामला दर्ज किया गया।
पुलिस कार्रवाई और निलंबन
गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि बच्ची का पोस्टमार्टम रिपोर्ट 4 अप्रैल को ही आ गया था, लेकिन पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा, "उन्होंने (निलंबित अधिकारियों) मामले को UDR के दायरे में रखा और देरी की, जो कर्तव्य में गंभीर लापरवाही है।" आंतरिक जांच रिपोर्ट में भी अधिकारियों की लापरवाही पाई गई, जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
निलंबित अधिकारियों में पूर्व इंस्पेक्टर रंगास्वामी एच.एम. (वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रैफिक स्टेशन पर तैनात), सब-इंस्पेक्टर निंगराजू और कांस्टेबल हलेश नाइक शामिल हैं। रंगास्वामी को हाल ही में कडुगोडी से इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी ट्रैफिक स्टेशन स्थानांतरित किया गया था।
जांच और गिरफ्तारी
प्रियंका जांच तेज होने के बाद फरार हो गई थी और उसे 11 जून को हासन जिले के साकलेशपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक अलग डिवीजन के एसिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी को नियुक्त किया है। अब जांच यह भी होगी कि क्या पुलिस अधिकारियों ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज करने में देरी की।
पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया
बच्ची के पिता प्रवीण ने शुरू से ही शक जताया था और वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार मिले। उनकी दृढ़ता के कारण ही मामला दर्ज हो सका।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेंगलुरु बच्ची हत्या मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
बच्ची की मां प्रियंका और उसके लिव-इन पार्टनर जी.एम. मोहन को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले में कितने पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं?
तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं: पूर्व इंस्पेक्टर रंगास्वामी एच.एम., सब-इंस्पेक्टर निंगराजू और कांस्टेबल हलेश नाइक।
पुलिसकर्मियों पर क्या आरोप है?
उन पर मामले को UDR के दायरे में रखने और एफआईआर दर्ज करने में देरी करने का आरोप है, जो कर्तव्य में गंभीर लापरवाही मानी गई।
यह घटना कब हुई थी?
यह घटना 24 मार्च को हुई थी, जब बच्ची की हत्या कर दी गई।