मुख्य बातें
- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने पर ₹50,000 करोड़ मुआवजे की मांग की।
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा (SCS) देने और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
- दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया।
विस्तार से जानकारी
11 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिमाचल प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों की वित्तीय चिंताओं को उठाया। बैठक की थीम 'विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास' थी और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
हिमाचल प्रदेश की मांगें
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य को कई कारणों से वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसमें राजस्व घाटा अनुदान (RDG) का बंद होना, प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान, जलविद्युत परियोजनाओं से अपर्याप्त मुफ्त बिजली, और GST ढांचे के कारण राजस्व की कमी शामिल है। उन्होंने कहा, "RDG के बंद होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है और ₹25,000 करोड़ मुआवजा पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाकर ₹50,000 करोड़ किया जाना चाहिए ताकि विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें।"
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के एक अध्ययन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश देश को ₹90,000 करोड़ की पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके बदले उसे उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। राज्य में उत्पादित 13,000 मेगावाट बिजली पर उसे मुफ्त बिजली का उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से अभी भी ₹7,000 करोड़ की बकाया राशि प्राप्त नहीं हुई है। प्राकृतिक आपदाओं के बाद ₹1,500 करोड़ की विशेष सहायता की घोषणा के बावजूद वह राशि भी नहीं मिली है।
पंजाब की मांगें
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को विशेष श्रेणी का दर्जा (SCS) देने की मांग की, जिससे केंद्र प्रायोजित योजनाओं में 90:10 के अनुपात में वित्त पोषण मिल सके, जैसा कि पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर को मिलता है। उन्होंने कहा, "पंजाब पाकिस्तान के साथ 553 किमी लंबी सीमा साझा करता है। यह लगातार सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियारों की तस्करी जैसे बहुआयामी संकटों का सामना कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप युवाओं में नशे की लत, संगठित अपराध और सीमा सुरक्षा बल की निगरानी में सुरक्षा बाड़ और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच खेती करने वाले किसानों को दैनिक कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं।"
उन्होंने कहा कि पंजाब देश के लिए बफर का काम करता है, लेकिन केंद्र सरकार से मिलने वाला समर्थन अपर्याप्त है।
प्रभाव और आगे की राह
दोनों मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री से एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का अनुरोध किया, जो हिमाचल प्रदेश के वित्तीय प्रभाव का मूल्यांकन करे और पंजाब को विशेष दर्जा देने की सिफारिश करे। इस बैठक में उठाई गई मांगों से स्पष्ट है कि दोनों राज्य केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता और नीतिगत रियायतों की उम्मीद कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिमाचल प्रदेश ने NITI Aayog में क्या मांग रखी?
मुख्यमंत्री सुक्खू ने RDG बंद होने पर ₹50,000 करोड़ मुआवजे, पारिस्थितिकी सेवाओं के लिए उचित मुआवजा, और BBMB से ₹7,000 करोड़ बकाया राशि जारी करने की मांग की।
पंजाब ने NITI Aayog में क्या मांग रखी?
मुख्यमंत्री मान ने पंजाब को विशेष श्रेणी का दर्जा देने और सीमावर्ती क्षेत्रों के पुनरुद्धार के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
NITI Aayog की बैठक कब और कहाँ हुई?
11 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक हुई।
स्रोत: www.thehindu.com