मुख्य तथ्य
अमेरिकी नौसेना ने गुरुवार (11 जून, 2026) को ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले बिटुमेन वाहक पर हमला किया, जिसमें 20 भारतीय नाविक सवार थे। यह चार दिनों में तीसरा हमला है, जिसमें भारतीय नाविकों को निशाना बनाया गया। पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें शिनास बंदरगाह पर ले जाया जा रहा है।
हमले का विवरण
अमेरिकी सेंटकॉम के अनुसार, जहाज के इंजन रूम पर दो हेलफायर मिसाइलें दागी गईं, क्योंकि चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया। सेंटकॉम ने आरोप लगाया कि जहाज ईरानी तेल ले जाने का प्रयास कर रहा था। हमले जहाज के इंजन रूम और स्टीयरिंग कम्पार्टमेंट को निशाना बनाकर किए गए, जिससे जहाज चलने में असमर्थ हो गया लेकिन डूबा नहीं।
पिछले हमले और हताहत
इससे पहले सोमवार और बुधवार को पलाऊ ध्वज वाले टैंकरों पर हमले हुए थे, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। मृतकों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के गलोर गांव के 23 वर्षीय डेक कैडेट आदित्य शर्मा शामिल हैं। उनके परिवार ने सरकार से शव जल्द से जल्द लाने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शवों को भारत लाने के प्रयास जारी हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने बुधवार (10 जून) को अमेरिकी राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने हमलों को 'गहराई से चिंताजनक' बताया और कहा कि ये अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए। हालांकि, मंत्रालय ने इसे अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का परिणाम बताया। शिपिंग महानिदेशालय ने मध्य-फरवरी में एक सलाह जारी की थी, जिसमें ईरानी बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों पर नाविकों को तैनात न करने को कहा गया था। अधिकारियों के अनुसार, तीनों जहाजों के चालक दल सलाह जारी होने से पहले ही जहाज पर सवार हो चुके थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस और भाकपा (मार्क्सवादी) ने हमलों की कड़ी निंदा की। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को राजनयिक उपलब्धि बताया, लेकिन जब यह संबंध भारतीय जीवन और हितों की रक्षा में विफल होता है तो वे जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। भाकपा (मार्क्सवादी) ने इसे 'अवैध अमेरिकी हमला' बताते हुए सरकार से मजबूत विरोध और पूर्ण जवाबदेही की मांग की।
FAQ
अमेरिकी नौसेना ने कितने जहाजों पर हमला किया?
अमेरिकी नौसेना ने चार दिनों में तीसरे जहाज पर हमला किया, जिसमें भारतीय नाविक सवार थे।
हमले में कितने भारतीय नाविकों की मौत हुई?
पहले हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, जबकि तीसरे हमले में सभी 20 भारतीय सुरक्षित हैं।
हिमाचल प्रदेश के किस नाविक की मौत हुई?
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के गलोर गांव के आदित्य शर्मा (23) की मौत हुई, जो एक डेक कैडेट थे।
भारत सरकार ने क्या कदम उठाए?
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर विरोध दर्ज कराया और शवों को जल्द लाने का प्रयास किया जा रहा है।