मुख्य तथ्य
विशाखापट्टनम (विजाग) के 44 वर्षीय मरीन इंजीनियर सुरेश पटनाला की ओमान तट पर अमेरिकी सैन्य हमले में मौत हो गई। वह पलाऊ ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज MT Settebello पर मुख्य इंजीनियर के रूप में तैनात थे। यह घटना बुधवार को हुई, जब जहाज पर ड्रोन हमला किया गया। हमले में तीन भारतीय क्रू मेंबर मारे गए, जबकि 21 को बचा लिया गया।
परिवार को झटका
सुरेश की पत्नी भार्गवी और उनके दो बेटे (13 और 10 वर्ष) इस खबर से स्तब्ध हैं। सुरेश पांच महीने के समुद्री अनुबंध के बाद घर लौटने वाले थे। परिवार उनके आगमन की प्रतीक्षा कर रहा था, क्योंकि 24 जून को उनकी 15वीं शादी की सालगिरह थी। भार्गवी ने बताया, 'हम उनके एक सप्ताह में आने की उम्मीद कर रहे थे। हम 24 जून को अपनी 15वीं शादी की सालगिरह मनाने वाले थे।'
घटना का विवरण
भार्गवी को बुधवार शाम को हमले की सूचना मिली। उन्होंने बताया, 'मुझे फोन और संदेश आया कि ड्रोन हमला हुआ है और तीन भारतीय क्रू मेंबर लापता हैं। सबसे पहले मेरे पति का नाम लिया गया।' उन्होंने कंपनी अधिकारियों से संपर्क किया और ऑनलाइन जानकारी खोजी। उन्हें बताया गया कि 21 क्रू मेंबर बचा लिए गए हैं, लेकिन तीन लापता हैं। बाद में दो अन्य के शव मिल गए, लेकिन सुरेश अभी भी लापता थे।
भार्गवी ने पूरी रात कंपनी से संपर्क बनाए रखा और बचाव अभियान की जानकारी लेती रहीं। गुरुवार दोपहर 1 बजे उन्हें पुष्टि मिली कि सुरेश का शव मिल गया है। उन्होंने कहा, 'वे तब तक आधिकारिक रूप से मौत की पुष्टि नहीं कर सकते थे जब तक शव नहीं मिल जाता।'
परिवार की अपील
भार्गवी ने अधिकारियों से शव को जल्द से जल्द विशाखापट्टनम लाने की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा, 'यह घटना कल सुबह हुई और 24 घंटे से अधिक हो गए हैं। मैं उनसे देरी न करने और सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करने का अनुरोध करती हूं।'
अधिकारियों की कार्रवाई
भार्गवी ने बताया कि आंध्र भवन के अधिकारी विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि सुरेश के पार्थिव शरीर को विशाखापट्टनम लाया जा सके।
परिवार के मित्र का बयान
परिवार के एक करीबी मित्र ने बताया कि सुरेश एक समर्पित समुद्री पेशेवर थे, जो अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए वर्षों जहाजों पर काम करते थे। उन्होंने कहा, 'उनकी अचानक मौत ने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को सदमे में डाल दिया है।'
FAQ
सुरेश पटनाला कौन थे?
सुरेश पटनाला 44 वर्षीय मरीन इंजीनियर थे, जो पलाऊ ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज MT Settebello पर मुख्य इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। वे विशाखापट्टनम के निवासी थे।
यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना ओमान तट के पास हुई, जहां अमेरिकी सेना ने ड्रोन हमला किया।
हमले में कितने भारतीय क्रू मेंबर मारे गए?
इस हमले में तीन भारतीय क्रू मेंबर मारे गए, जिनमें सुरेश पटनाला भी शामिल थे। 21 क्रू मेंबर को बचा लिया गया।
परिवार ने क्या अपील की?
पत्नी भार्गवी ने अधिकारियों से शव को जल्द से जल्द विशाखापट्टनम लाने की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है।
स्रोत: www.hindustantimes.com