पार्टी में बढ़ता संकट
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। चार बार के सांसद और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के सामने अल्टीमेटम रख दिया। उन्होंने कहा कि ममता को उनके और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के बीच चुनाव करना होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी पहले से ही अभिषेक के कथित अहंकारी रवैये के कारण विद्रोह का सामना कर रही है।
कल्याण बनर्जी का बयान
69 वर्षीय कल्याण बनर्जी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, "मैंने डेरेक ओ'ब्रायन से कहा है कि ममता बनर्जी को चुनना होगा - या तो वह (अभिषेक) या मैं। यह बहुत अहंकार है। देखिए इसने पार्टी का क्या हाल कर दिया है। मैंने हमेशा कहा है कि आप मेरे नेता तभी हो सकते हैं जब आप त्रिपुरा या गोवा जीतें।" उन्होंने कहा कि उनके 45 साल के अनुभव को 'डस्टबिन' की तरह नहीं फेंका जा सकता।
विवाद की जड़
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पार्टी ने एक कानूनी मामले में कल्याण बनर्जी की जगह किसी और वकील को भेजने का फैसला किया। कल्याण ने इसे अपना अपमान बताया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी अपनी खुद की कानूनी टीम चाहते हैं, जिससे कल्याण और उनके सहयोगी किशोर दत्ता नाराज हैं। किशोर दत्ता पहले पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता थे, लेकिन 2021 में अभिषेक से मतभेद के बाद इस्तीफा दे दिया था।
पार्टी में बगावत का दायरा
कल्याण बनर्जी अकेले नहीं हैं। 60 से अधिक विधायकों और 16 लोकसभा सांसदों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल जैसे कुछ नेताओं ने ममता के प्रति निष्ठा जताई है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "मैं TMC और ममता जी के साथ था, हूं और रहूंगा।" प्रतिमा मंडल ने भी अफवाहों को खारिज किया।
विशेषज्ञों की राय
राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी ने इसे 'दुखद समय' बताया। कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंहवी ने कहा कि TMC में असंतोष वास्तविक है, लेकिन BJP इसे भुनाने में सफल नहीं होगी।
आगे की राह
ममता बनर्जी के सामने अब बड़ी चुनौती है। उन्हें पार्टी में बढ़ती दरार को रोकना होगा और अभिषेक बनर्जी के कथित अहंकार पर लगाम लगानी होगी। कल्याण बनर्जी का अल्टीमेटम ममता के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- सवाल: कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को क्या अल्टीमेटम दिया?
जवाब: कल्याण बनर्जी ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से कहा कि वह उनके और अभिषेक बनर्जी के बीच चुनाव करें। - सवाल: TMC में विद्रोह का मुख्य कारण क्या है?
जवाब: अभिषेक बनर्जी के कथित अहंकारी रवैये और पार्टी मामलों में एकतरफा फैसलों से नाराजगी है। कल्याण बनर्जी ने कानूनी टीम में बदलाव को अपना अपमान बताया। - सवाल: क्या ममता बनर्जी ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया दी है?
जवाब: ममता बनर्जी ने अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन वह सांसदों से बातचीत कर रही हैं। - सवाल: क्या अन्य नेता भी विद्रोह में शामिल हुए हैं?
जवाब: हां, 60 से अधिक विधायक और 16 लोकसभा सांसदों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नाराजगी जताई है। हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल जैसे कुछ नेताओं ने ममता के प्रति निष्ठा जताई है।
स्रोत: www.hindustantimes.com