मुख्य तथ्य
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने शुक्रवार को दो साल पूरे कर लिए। तेलुगु देशम पार्टी (TDP), जनसेना पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का यह गठबंधन 2024 के विधानसभा चुनावों में 175 में से 164 सीटें जीतकर सत्ता में आया था। सरकार के सामने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की चुनौती है।
आर्थिक सुधार और निवेश बढ़ावा
नायडू प्रशासन का मुख्य फोकस निवेशकों का विश्वास बहाल करना और आंध्र प्रदेश को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना रहा है। सरकारी बयान के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ₹23 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ है, जिससे 2.3 मिलियन नौकरियां पैदा होंगी।
800 कंपनियों ने राज्य में निवेश में रुचि दिखाई है। सरकार का दावा है कि देश के कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का 25.3% आंध्र प्रदेश ने आकर्षित किया। प्रमुख निवेशों में विशाखापत्तनम में गूगल का प्रस्तावित US$15 बिलियन का AI डेटा सेंटर और श्री सिटी में LG इलेक्ट्रॉनिक्स की ₹5,000 करोड़ की विनिर्माण सुविधा शामिल है। अनाकापल्ली में आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील का ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा होने की उम्मीद है।
सरकार ने दूसरी तिमाही में 11.28% की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वृद्धि दर दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के पुनरुद्धार के लिए ₹10,300 करोड़ से अधिक का वित्तीय पैकेज सुरक्षित किया गया।
अमरावती: राजधानी परियोजना को नया जीवन
नायडू सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में पुनर्जीवित करना है। केंद्र सरकार ने संसद में विधेयक पारित कर अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी घोषित किया। विश्व बैंक ने राजधानी विकास के लिए US$207 मिलियन जारी किए, जबकि जर्मनी के KfW बैंक ने ₹5,000 करोड़ का ऋण देने पर सहमति व्यक्त की। HUDCO ने ₹11,000 करोड़ मंजूर किए और केंद्र ने ₹1,560 करोड़ का अनुदान दिया।
नायडू ने राजधानी में प्रमुख सरकारी बुनियादी ढांचे को पूरा करने का तीन साल का लक्ष्य रखा है। हालांकि, भूमि पूलिंग योजना के दूसरे चरण में 16,666 एकड़ भूमि को शामिल करने के उनके महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को किसानों के एक वर्ग से प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है।
बुनियादी ढांचा और प्रौद्योगिकी
पोलावरम सिंचाई परियोजना को गति मिली है, जिसका पहला चरण 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। भोगापुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना पूरी हो चुकी है। सरकार ने 2026 को 'प्रौद्योगिकी-संचालित निर्णय लेने का वर्ष' घोषित किया और रियल टाइम गवर्नेंस (RTG) प्रणाली को पुनर्जीवित किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शिकायत निवारण, कृषि सेवाओं और शासन निगरानी में एकीकृत किया जा रहा है। कुरनूल में ड्रोन सिटी और अमरावती में क्वांटम वैली जैसी भविष्योन्मुखी परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
कल्याणकारी योजनाएं
सरकार ने 'सुपर सिक्स' ढांचे के तहत कल्याण कार्यक्रमों का विस्तार किया है। NTR भरोसा पेंशन योजना से लगभग 6.3 मिलियन पेंशनभोगी लाभान्वित हो रहे हैं। तल्लिकी वंदनम योजना के तहत स्कूल जाने वाले बच्चों के परिवारों को सालाना ₹15,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे 6.7 मिलियन से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं। अन्नदाता सुखीभव कार्यक्रम के तहत लगभग 4.6 मिलियन किसानों को ₹6,310 करोड़ हस्तांतरित किए गए। दीपम-2 के तहत महिलाओं को सालाना तीन मुफ्त LPG सिलेंडर मिलते हैं। 200 से अधिक अन्ना कैंटीन फिर से खोली गई हैं।
सरकार ने मेगा DSC के माध्यम से लगभग 16,000 शिक्षकों की भर्ती की, जिसमें YSRCP ने अनियमितताओं के आरोप लगाए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और विश्लेषण
विपक्षी YSRCP ने 'दो साल का विश्वासघात' के नारे के तहत राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपनी प्रतिबद्धताओं को त्याग दिया है। राजनीतिक विश्लेषक रामू सुरावज्जुला के अनुसार, नायडू की कल्याण योजनाओं के दावे वास्तविकता को नहीं दर्शाते हैं, और लोग काफी हद तक निराश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2 मिलियन नौकरियों का वादा किया था, लेकिन अब तक 20% भी नहीं दे पाई है।
गठबंधन की स्थिरता
गठबंधन के तीनों साझेदारों की पूरक भूमिकाओं ने राजनीतिक स्थिरता को मजबूत किया है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने ग्रामीण विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। TDP में नायडू ने अपने बेटे नारा लोकेश को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दिया है। BJP ने राज्य में अपनी संगठनात्मक पहुंच का विस्तार किया है। केंद्र में NDA सरकार के साथ मजबूत संबंधों से आंध्र प्रदेश को पर्याप्त वित्तीय सहायता और परियोजना अनुमोदन प्राप्त हुआ है।
FAQ
Andhra Pradesh में Naidu सरकार के दो साल में क्या उपलब्धियां रहीं?
सरकार ने ₹23 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित किया, अमरावती को राजधानी का दर्जा मिला, पोलावरम परियोजना को गति मिली और सुपर सिक्स कल्याण योजनाएं लागू की गईं।
विपक्ष ने Naidu सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
YSRCP ने 'दो साल का विश्वासघात' अभियान चलाया और आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावी वादे पूरे नहीं किए, खासकर रोजगार और किसान कल्याण के मामले में।
अमरावती परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है?
विश्व बैंक और KfW बैंक से फंडिंग मिली, HUDCO ने ₹11,000 करोड़ मंजूर किए। सरकार ने तीन साल में बुनियादी ढांचा पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
Naidu सरकार की प्रमुख कल्याण योजनाएं कौन सी हैं?
NTR भरोसा पेंशन, तल्लिकी वंदनम (छात्रों के लिए ₹15,000 सालाना), अन्नदाता सुखीभव (किसानों को ₹6,310 करोड़), दीपम-2 (मुफ्त LPG सिलेंडर) और अन्ना कैंटीन शामिल हैं।