News / Updates | Crime

Himachal Pradesh में वृद्धावस्था पेंशन घोटाले का बड़ा खुलासा

विभागीय की ओर से की गई जांच की रिपोर्ट के अनुसार फर्जीवाड़ा कर पेंशन डकारने वालों का आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया है।…

विभागीय की ओर से की गई जांच की रिपोर्ट के अनुसार फर्जीवाड़ा कर पेंशन डकारने वालों का आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया है। पहले यह आंकड़ा 44 था। विभाग ने इन सबकी पेंशन रोक दी है।यही नहीं, पंचायत के जिस परिवार रजिस्टर की नकल के आधार पर ये लोग पेंशन ले रहे थे, उसमें भी गड़बड़ी पाई गई है।

विभाग ने जांच रिपोर्ट और मामले से जुड़ा का पूरा रिकॉर्ड पुलिस को भेज दिया है।

मुख्य विवरण

अभी मामले की जांच चल रही है, ऐसे में फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का आंकड़ा और बढ़ने का अंदेशा है।जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने मामले में चिड़गांव पुलिस थाने में केस दर्ज करवाया है। इस बारे में मिली शिकायत की शुरुआती जांच में सामने आया था कि पंचायत के 44 लोग अनुचित तरीके से वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। इनकी उम्र 50 से 55 साल के बीच है।शिकायत सही पाए जाने पर विभाग ने पंचायत से हाल ही में पेंशन के लिए आए अन्य आवेदनों की भी जांच की।

जांच में और छह से ज्यादा आवेदन ऐसे मिले, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र के तौर पर लगाई गई परिवार रजिस्टर की नकल में छेड़छाड़ मिली है।

पृष्ठभूमि और प्रभाव

रजिस्टर और पेश किए रिकॉर्ड में अंतर जिला कल्याण विभाग की जांच के अनुसार पेंशन ले रहे लोगों ने आवेदन पत्र के साथ जन्म प्रमाण पत्र के तौर पर पंचायत से ली परिवार रजिस्टर की नकल लगाई थी।जांच में जब परिवार रजिस्टर चेक किया तो कई आवेदनों में लगाई नकल और रजिस्टर में दर्ज रिकॉर्ड में अंतर सामने आया। कई जगह ओवरराइटिंग भी की गई है। जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने विभागीय जांच समेत इस मामले का रिकॉर्ड पुलिस को सौंप दिया है।अब पुलिस की जांच में कई और नामों का भी खुलासा हो सकता है।

वहीं, जो लोग पेंशन ले रहे थे, उन पर क्या कार्रवाई करनी है, पैसों की रिकवरी कैसे करनी है, इस पर पुलिस की जांच के बाद फैसला लिया जाएगा।

जिला कल्याण अधिकारी को दिए थे जांच के आदेश सरकार के पास कुछ हफ्ते इस मामले को लेकर लिखित शिकायत पहुंची थी।मई के पहले हफ्ते में सरकार ने इस पर जांच के आदेश जारी किए। जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा को शिकायत जांचने को कहा गया। अधिकारी ने पंचायत से लिए रिकॉर्ड और पेंशन के लिए आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेजों को जांचा तो गड़बड़ी सामने आई।अधिकारी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही चिड़गांव थाने में 44 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

इस मामले में पंचायत के तत्कालीन सचिव की भूमिका भी संदेह के दायरे में हैं।

13 मई को केस दर्ज करने के बाद अब पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।जिला कल्याण अधिकारी ने भी कुछ  और लोगों के आवेदनों में गड़बड़ी सामने आने पर इसका रिकॉर्ड पुलिस को सौंप दिया है।

Follow us on Google News

Explore more

ऊना: रामपुर बेली ब्रिज पर टूटा एंगल, विभाग की लापरवाही से बढ़ रहा हादसों का खतरा

प्रमुख तथ्य ऊना जिले के रामपुर बेली ब्रिज पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया लोहे का एंगल कई…

More on News / Updates from Himachal Pradesh

सुंदरनगर में पेयजल आपूर्ति हुई प्रभावित, अब दिन में सिर्फ एक बार मिलेगा पानी

प्रमुख तथ्य सुंदरनगर (मंडी) में लगातार बारिश के कारण पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जल शक्ति विभाग ने शहरवासियों के…

Una News: शराब की अवैध तस्करी पर लगाम के लिए संयुक्त अभियान शुरू

Key Facts Una Police, led by Superintendent of Police Sachin Hiremath, held a joint meeting with licensed liquor traders and officials from…

मंडी: कॉलेज प्राध्यापकों ने आंदोलन तेज किया, हस्ताक्षर अभियान शुरू

मुख्य बातें हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। बुधवार को…