प्रमुख तथ्य
ऊना जिले के रामपुर बेली ब्रिज पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया गया लोहे का एंगल कई वाहनों की टक्कर से टूट गया है। लोक निर्माण विभाग ने अब तक न तो इसकी मरम्मत की और न ही ऊंचाई में कोई बदलाव किया। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, इस लापरवाही से हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
रामपुर बेली ब्रिज पर लोक निर्माण विभाग ने बड़े वाहनों को रोकने के लिए प्रवेश द्वार पर एक लोहे का एंगल लगाया था। यह एंगल काफी नीचा है, जिससे बरसात के मौसम में तिरपाल ढककर चलने वाले छोटे मालवाहक वाहन इससे टकरा जाते हैं। अब तक कई वाहन इस एंगल से टकरा चुके हैं, जिससे एंगल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। फिलहाल टूटा हुआ एंगल तार से बंधा हुआ है और उसकी ऊंचाई और कम हो गई है।
विभाग की प्रतिक्रिया
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर ने कहा कि टूटे हुए एंगल को जल्द ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के मैकेनिकल विंग से एंगल की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई है, लेकिन विंग के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा ऊंचाई मानकों के अनुसार ही रखी गई है।
स्थानीय लोगों की चिंता
वाहन चालक अमित कुमार ने कहा, 'बेली ब्रिज से पहले भी रिफ्लेक्टर लगाए जाने चाहिए। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।' वहीं, एक अन्य चालक साहिल ने कहा कि विभाग को एंगल की ऊंचाई और डिजाइन में सुधार करना चाहिए ताकि बड़े वाहनों पर रोक प्रभावी रहे और छोटे मालवाहक वाहन बिना जोखिम के पुल पार कर सकें।
क्या हो सकता है समाधान?
- एंगल की ऊंचाई बढ़ाकर छोटे वाहनों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।
- ब्रिज के प्रवेश द्वार पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए जाएं।
- क्षतिग्रस्त एंगल को तुरंत बदला या मरम्मत किया जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामपुर बेली ब्रिज पर एंगल क्यों लगाया गया था?
बड़े वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग ने ब्रिज के प्रवेश द्वार पर लोहे का एंगल लगाया था।
एंगल टूटने का क्या कारण है?
बरसात में छोटे मालवाहक वाहन तिरपाल ढककर चलते हैं, जिससे ऊंचाई बढ़ जाती है और वे एंगल से टकरा जाते हैं। कई टक्करों के बाद एंगल क्षतिग्रस्त हो गया।
विभाग ने एंगल की मरम्मत क्यों नहीं की?
अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर के अनुसार, एंगल को जल्द ठीक कर दिया जाएगा। मैकेनिकल विंग से ऊंचाई बढ़ाने पर चर्चा हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा ऊंचाई मानकों के अनुरूप है।
स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
लोग चाहते हैं कि एंगल की ऊंचाई और डिजाइन में सुधार किया जाए ताकि बड़े वाहनों पर रोक रहे और छोटे वाहन सुरक्षित निकल सकें। साथ ही, ब्रिज से पहले रिफ्लेक्टर लगाने की मांग है।