घटना का विवरण
तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में नागरकोइल उप-जेल में रिमांड कैदी सबरी वर्मन (35) की मौत के बाद तीन जेल अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को हुई इस गिरफ्तारी ने मामले को संभावित 'चिकित्सकीय आपातकाल' से हिरासत में मौत की जांच में बदल दिया।
सबरी वर्मन, जो दिव्यांग थे और एथनकाडु क्षेत्र में किराना दुकान चलाते थे, को 9 जुलाई को प्रतिबंधित गुटखा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनकी दुकान से लगभग 200 ग्राम (15 पैकेट) गुटखा जब्त किया था। उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
पोस्टमार्टम में खुलासा
जेल अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह वर्मन को अचानक स्वास्थ्य समस्या हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लेकिन पोस्टमार्टम में कई चोटें पाई गईं, जिससे हिरासत में हमले की आशंका बढ़ गई।
परिवार का विरोध
वर्मन के परिवार ने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में उनके साथ मारपीट की गई। एक रिश्तेदार ने कहा कि जेल अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए मौत की सूचना दी। परिवार ने दिल का दौरा पड़ने की बात को खारिज करते हुए कहा कि वर्मन को कोई पूर्व बीमारी नहीं थी।
पुलिस कार्रवाई
कन्याकुमारी के पुलिस अधीक्षक आर स्टालिन ने परिवार से मुलाकात की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यमूर्ति ने जांच की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वर्मन जेल में 'असामान्य' व्यवहार कर रहे थे और उन्होंने अन्य कैदियों को उकसाया था। मुख्य वार्डर जेगन (47) पर हमले का आरोप है, जबकि वार्डर शिवकुमार और तिरुवुदै नांबी पर सबूत छुपाने का आरोप है। पांच कैदियों की भी संलिप्तता की जांच हो रही है।
FAQ
Sabari Varman की मौत कैसे हुई?
पोस्टमार्टम में कई चोटें मिलीं, जिससे संदेह है कि उन्हें हिरासत में पीटा गया। जेल अधिकारियों ने शुरू में इसे चिकित्सकीय आपातकाल बताया था।
गिरफ्तार अधिकारियों पर क्या आरोप हैं?
मुख्य वार्डर जेगन पर हमले का, अन्य दो पर सबूत छुपाने का आरोप है। पांच कैदियों की भी संलिप्तता की जांच हो रही है।
परिवार का क्या कहना है?
परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और शव लेने से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि जेल अधिकारियों ने मुस्कुराते हुए मौत की सूचना दी।