प्रमुख तथ्य
जिला कांगड़ा में बरसात के मौसम में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग ने 16 जुलाई 2026 से 15 सितंबर 2026 तक सभी साहसिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय मानसून के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है।
प्रतिबंध का विवरण
इस अवधि में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और वॉटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थल बीड़-बिलिंग और धर्मशाला के इंद्रुनाग में उड़ानें बंद रहेंगी। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लंघन पर कार्रवाई
विभाग के अनुसार, यदि कोई संचालक आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और गतिविधियों में प्रयोग होने वाली सामग्री जब्त कर ली जाएगी।
अधिकारियों का बयान
जिला पर्यटन अधिकारी कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने सभी संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
पर्यटकों के लिए सलाह
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे इस अवधि में साहसिक गतिविधियों की योजना न बनाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें। प्रतिबंध हटने के बाद ही इन गतिविधियों का आनंद लिया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कांगड़ा में साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध कब से कब तक रहेगा?
यह प्रतिबंध 16 जुलाई 2026 से 15 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।
किन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है?
पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग और वॉटर स्पोर्ट्स सहित सभी प्रकार की साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
उल्लंघनकर्ताओं पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा, लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और गतिविधियों में प्रयोग सामग्री जब्त कर ली जाएगी।
बीड़-बिलिंग और इंद्रुनाग में पैराग्लाइडिंग होगी?
नहीं, प्रतिबंध के दौरान बीड़-बिलिंग और धर्मशाला के इंद्रुनाग में पैराग्लाइडिंग पूरी तरह बंद रहेगी।