मुख्य तथ्य
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने नॉर्वे की कंपनी Tidal Sails AS के साथ भारत के पहले नदी जल धारा ऊर्जा प्रदर्शन संयंत्र की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह 500 किलोवॉट क्षमता का संयंत्र नदी की धारा से सीधे बिजली उत्पन्न करेगा, जिसके लिए बड़े बुनियादी ढांचे की आवश्यकता नहीं होगी।
परियोजना का विवरण
यह समझौता अरुणाचल प्रदेश सरकार के केंद्र फॉर अर्थ साइंसेज एंड हिमालयन स्टडीज और Tidal Sails AS के बीच हुआ है। यह परियोजना भारत-नॉर्वे ग्रीन पार्टनरशिप के तहत आती है और इसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और इनोवेशन नॉर्वे का समर्थन प्राप्त है। Tidal Sails AS, हाउगेसुंड स्थित एक स्वच्छ ऊर्जा कंपनी है, जो पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और लागत प्रभावी नवीकरणीय ऊर्जा समाधान प्रदान करती है।
प्रभाव और महत्व
अरुणाचल प्रदेश की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री दासांगलू पुल ने कहा कि यह समझौता नवाचार, स्थिरता और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य में अनुमानित 58,000 मेगावॉट जलविद्युत क्षमता है। उन्होंने कहा, "हमारी विस्तृत नदी प्रणालियाँ अपार नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्रदान करती हैं। मुझे विश्वास है कि यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी और प्राकृतिक संसाधनों का पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करेगी।"
भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की नदी प्रणालियाँ नदी जल धारा ऊर्जा तकनीक के प्रदर्शन के लिए आदर्श स्थान हैं, जो मौजूदा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की पूरक हो सकती हैं और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भूतापीय ऊर्जा, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग और टिकाऊ बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में नॉर्वे और अरुणाचल प्रदेश के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर देती है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- यह भारत का पहला नदी जल धारा ऊर्जा प्रदर्शन संयंत्र है, जो बिना बांध के बिजली उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल है और नदी पारिस्थितिकी तंत्र को न्यूनतम प्रभावित करेगी।
- अरुणाचल प्रदेश की विशाल नदी प्रणालियाँ इस तकनीक के लिए उपयुक्त हैं, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नदी जल धारा ऊर्जा क्या है?
यह एक नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक है जो बिना बांध या बड़े बुनियादी ढांचे के नदी की धारा से सीधे बिजली उत्पन्न करती है।
यह संयंत्र कहां स्थापित होगा?
यह अरुणाचल प्रदेश में स्थापित होगा, हालांकि विशिष्ट स्थान की घोषणा अभी नहीं हुई है।
इस परियोजना का समर्थन कौन कर रहा है?
इसे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और इनोवेशन नॉर्वे का समर्थन प्राप्त है।