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राष्ट्रीय स्तर पर चमकीं शालू शुक्ला, फार्माअन्वेषण में पाया पहला स्थान

प्रमुख तथ्य लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कथोग, ज्वालामुखी (कांगड़ा) की पीएचडी शोधार्थी शालू शुक्ला ने राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान और हिमाचल प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने एएलएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अहमदाबाद में आयोजित फार्माअन्वेषण-2026…

प्रमुख तथ्य

लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कथोग, ज्वालामुखी (कांगड़ा) की पीएचडी शोधार्थी शालू शुक्ला ने राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान और हिमाचल प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने एएलएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अहमदाबाद में आयोजित फार्माअन्वेषण-2026 में अपने शोध पत्र के उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण के लिए प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और 21,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

उपलब्धि का विवरण

फार्माअन्वेषण-2026 एक राष्ट्रीय स्तर की शोध प्रस्तुति प्रतियोगिता है, जिसमें देशभर के फार्मेसी संस्थानों के शोधार्थी भाग लेते हैं। शालू शुक्ला ने अपने शोध कार्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर निर्णायक मंडल को प्रभावित किया और प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता फार्मेसी क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

संस्थान और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

शालू शुक्ला की इस सफलता पर लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में हर्ष का माहौल है। लॉरेट एजुकेशनल सोसायटी के प्रबंध निदेशक डॉ. रण सिंह ने बधाई देते हुए कहा, 'शालू की उपलब्धि संस्थान की अनुसंधान संस्कृति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।' संस्थान के प्राचार्य डॉ. एमएस आशावत ने इसे अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण बताया। शोध मार्गदर्शक डॉ. विनय पंडित ने विश्वास जताया कि शालू भविष्य में भी उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान से देश का नाम गौरवान्वित करती रहेंगी।

शालू शुक्ला का योगदान और भविष्य की संभावनाएं

शालू शुक्ला ने अपने शोध के माध्यम से फार्मेसी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल लॉरेट इंस्टीट्यूट बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की राष्ट्रीय पहचान से अन्य शोधार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान की ओर अग्रसर होंगे। शालू के शोध कार्य का फार्मास्युटिकल उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • शालू शुक्ला लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी कथोग में पीएचडी शोधार्थी हैं।
  • फार्माअन्वेषण-2026 का आयोजन एएलएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अहमदाबाद में हुआ।
  • पुरस्कार में प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और 21,000 रुपये नकद शामिल हैं।
  • यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर की थी, जिसमें देशभर के प्रतिभागी शामिल हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शालू शुक्ला ने कौन सी प्रतियोगिता जीती?

उन्होंने फार्माअन्वेषण-2026 नामक राष्ट्रीय स्तर की शोध प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

यह प्रतियोगिता कहाँ आयोजित हुई?

यह प्रतियोगिता एएलएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अहमदाबाद में आयोजित हुई।

शालू शुक्ला किस संस्थान से जुड़ी हैं?

वह लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कथोग (ज्वालामुखी, कांगड़ा) में पीएचडी शोधार्थी हैं।

पुरस्कार में क्या मिला?

उन्हें प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और 21,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

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