Himachal | Hamirpur

हमीरपुर में बरसाती कीड़ों के काटने से बढ़ा संक्रमण, रोजाना 10% मरीज प्रभावित

मुख्य तथ्य हमीरपुर जिला अस्पताल में मानसून के दौरान त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। रोजाना करीब 60 से 70 मरीज त्वचा की समस्याओं से ग्रस्त होकर अस्पताल…

मुख्य तथ्य

हमीरपुर जिला अस्पताल में मानसून के दौरान त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। रोजाना करीब 60 से 70 मरीज त्वचा की समस्याओं से ग्रस्त होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत मरीज फंगल इंफेक्शन से पीड़ित हैं, जबकि 10 प्रतिशत मरीज बरसाती कीड़ों के काटने के कारण आ रहे हैं। इसके अलावा दाद, खाज-खुजली और अन्य एलर्जी के मामले भी बढ़े हैं।

विस्तृत जानकारी

सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 714 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 336 पुरुष, 295 महिलाएं और 83 बाल रोगी शामिल थे। मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक भीड़ रही, जहां वायरल बुखार, उल्टी-दस्त और सर्दी-जुकाम के मरीज भी आए। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप ने बताया कि बरसात के बाद फंगल इंफेक्शन और मच्छरों के काटने से एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। बारिश में इंसेक्ट बाइट के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो एक प्रकार की एलर्जी है। इसके अलावा कुछ मरीज बीटल डर्मेटाइटिस से भी पीड़ित हैं, जो ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होता है और शरीर पर लाल चकत्ते पैदा करता है। सोमवार को लगभग 60 से अधिक मरीजों का उपचार किया गया, और रोजाना 10-15 मरीज बरसाती कीड़ों के काटने की समस्या लेकर आ रहे हैं।

प्रभाव और सुझाव

मानसून के मौसम में त्वचा संक्रमण और एलर्जी के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बरसाती कीड़ों के काटने से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जाने चाहिए:

  • रात में बिजली की रोशनी में न लेटें।
  • घर की लाइटों को बंद करके सोएं।
  • शरीर को ढककर लेटें और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
  • पूरे कपड़े पहनकर सोएं।
  • बाहर से आने के बाद पसीने वाले कपड़े न पहनें और स्नान अवश्य करें।

पाठकों के लिए महत्वपूर्ण

हमीरपुर जिले के निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मानसून के दौरान त्वचा की सफाई का विशेष ध्यान रखें। यदि कीड़े के काटने या एलर्जी के लक्षण दिखें, तो तुरंत जिला अस्पताल या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। डॉ. अनूप ने कहा कि समय पर उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरसाती कीड़ों के काटने से क्या समस्या होती है?

इससे एलर्जी, फंगल इंफेक्शन, दाद, खाज-खुजली और बीटल डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।

बचाव के लिए क्या उपाय करें?

रात में बिजली की रोशनी में न लेटें, शरीर ढककर सोएं, मच्छरदानी का उपयोग करें और बाहर से आने के बाद स्नान करें।

जिला अस्पताल में रोजाना कितने मरीज आ रहे हैं?

लगभग 60-70 त्वचा रोगी प्रतिदिन आ रहे हैं, जिनमें से 10% बरसाती कीड़ों के काटने से पीड़ित हैं।

बीटल डर्मेटाइटिस क्या है?

यह बारिश के मौसम में होने वाले ब्लिस्टर बीटल को मसलने से होता है, जिससे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आते हैं।

Follow us on Google News

Explore more

चंबा में दो नाबालिग भतीजियों से दुष्कर्म के आरोप में चाचा गिरफ्तार

घटना का विवरण हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सलूणी उपमंडल के तेलका…

More on Himachal from Himachal Pradesh

हिमाचल में पुलों का भविष्य: 70 साल के बाढ़ आंकड़ों पर आधारित नया डिजाइन

मुख्य बातें हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुल निर्माण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में बनने वाले नए पुलों…

Kangra: भटोली फकोरियां में 42 पौंग बांध विस्थापितों को मिले भूमि पट्टे

Key Facts In a significant move for displaced families, 42 eligible Pong Dam oustee households received land allocation leases in Bhatoli Phakorian,…

पालमपुर: बैंक कर्मी महिला पर पति और सास के खातों से धोखाधड़ी का आरोप

मामले का विवरण पालमपुर (कांगड़ा) के उपमंडल में एक बैंक में कार्यरत महिला पर अपने पति और सास के बैंक खातों से…