प्रशासन की उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने उठाया कदम
ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंडोगा गांव में श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता लंबे समय से बदहाल था। बरसात के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और गड्ढों से भर जाता था, जिससे अंतिम यात्रा ले जाने में भारी दिक्कतें होती थीं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन के समक्ष यह समस्या उठाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने खुद संभाली मोर्चा
प्रशासन की बेरुखी से तंग आकर वार्ड पांच और छह के ग्रामीणों ने स्वयं पहल की। स्थानीय पंचायत के सहयोग से उन्होंने निजी ट्रैक्टरों और अन्य मशीनों की मदद से रास्ते में पत्थर और बजरी डालकर गड्ढों को भरा। इसके बाद कीचड़ से भरे मार्ग को समतल किया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान और आपसी सहयोग से यह कार्य पूरा किया, जिससे श्मशान घाट तक आवागमन कुछ हद तक सुगम हो सका।
ग्रामीणों की मांग: स्थायी समाधान
स्थानीय निवासी मोती लाल, जतिंद्र, तरसेम और सतिंद्र ने बताया कि बरसात के दिनों में इस मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि अंतिम यात्रा ले जाने में भी भारी परेशानी होती थी। अब आपसी सहयोग से इस रास्ते को अस्थायी रूप से ठीक कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग को स्थायी रूप से पक्का किया जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सके।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को स्थानीय समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। जब तक स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उन्हें हर बरसात में इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी इस पहल से प्रशासन का ध्यान इस ओर जाएगा और जल्द ही स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू होगा।
FAQ
- पंडोगा गांव में श्मशान घाट का रास्ता किसने ठीक किया?
ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान और आपसी सहयोग से रास्ते की मरम्मत की। - प्रशासन ने इस समस्या पर क्या कार्रवाई की?
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को समस्या बताई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने खुद पहल की। - ग्रामीणों ने रास्ता ठीक करने के लिए क्या किया?
उन्होंने निजी ट्रैक्टरों और मशीनों से पत्थर और बजरी डालकर गड्ढे भरे और कीचड़ भरे मार्ग को समतल किया। - ग्रामीणों की प्रशासन से क्या मांग है?
उन्होंने मांग की है कि इस मार्ग को स्थायी रूप से पक्का किया जाए ताकि भविष्य में समस्या न हो।