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हिमाचल की नई औद्योगिक नीति: उत्पादन पर सब्सिडी, 15 दिन में noc, msme और ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा

मुख्य बातें हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए एक नई औद्योगिक नीति का प्रारूप तैयार कर चुकी है। इस नीति में सबसे अहम बदलाव यह है कि अब…

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए एक नई औद्योगिक नीति का प्रारूप तैयार कर चुकी है। इस नीति में सबसे अहम बदलाव यह है कि अब उद्यमियों को मशीनरी खरीदने पर नहीं, बल्कि उत्पादन के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) तथा पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन इंडस्ट्री को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। निवेशकों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) 15 दिनों में जारी करने का प्रावधान किया गया है।

उत्पादन-आधारित सब्सिडी: क्यों जरूरी है यह बदलाव?

मौजूदा नीति में मशीनरी पर 10 से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन कई उद्योगपति सब्सिडी लेने के बाद अपेक्षित उत्पादन नहीं करते थे। नई नीति में उत्पादन पर सब्सिडी देकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उद्योग वास्तव में उत्पादन करें और राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान दें। इससे नाममात्र के उत्पादन वाले उद्योगों पर अंकुश लगेगा और निवेश का अधिकतम लाभ मिलेगा।

MSME और ग्रीन इंडस्ट्री को प्राथमिकता

नई नीति में MSME को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। छोटे उद्योगों के लिए पूंजी निवेश, रोजगार सृजन और आधुनिक तकनीक अपनाने वाली इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा उपयोग और प्रदूषण नियंत्रण तकनीक अपनाने वाले उद्योगों को विशेष लाभ दिए जाएंगे।

निवेशकों के लिए सुगम प्रक्रिया

निवेशकों को राहत देने के लिए NOC प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब 15 दिनों के भीतर क्लीयरेंस देने का प्रावधान है, जिससे उद्योग लगाने में लगने वाला समय कम होगा। सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाकर सभी आवश्यक अनुमतियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

रोजगार और आर्थिक विकास पर प्रभाव

इस नीति से स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रीन इंडस्ट्री और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने से राज्य का आर्थिक विकास तेज होगा और हिमाचल एक टिकाऊ औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभरेगा।

उद्योग मंत्री का बयान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नई औद्योगिक नीति का प्रारूप तैयार है और इसे आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे निवेशकों को राहत मिलेगी और हिमाचल प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हिमाचल की नई औद्योगिक नीति में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब मशीनरी खरीदने पर सब्सिडी नहीं, बल्कि उत्पादन के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी। इससे उद्योगों को वास्तविक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नई नीति में MSME और ग्रीन इंडस्ट्री को क्यों प्राथमिकता दी गई है?

MSME को बढ़ावा देने से रोजगार सृजन और स्थानीय उद्यमिता को बल मिलेगा। ग्रीन इंडस्ट्री को प्राथमिकता देकर पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

निवेशकों के लिए NOC प्रक्रिया में क्या सुधार किया गया है?

अब NOC 15 दिनों के भीतर जारी करने का प्रावधान है, और सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को एक ही स्थान पर सभी अनुमतियां मिल सकें।

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