मुख्य तथ्य
सोलन जिले की सब्जी मंडी में नकदी फसलों के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शिमला मिर्च के भाव 66 रुपये प्रति किलो से गिरकर 15 से 30 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। वहीं, टमाटर की 25 किलो की क्रेट मात्र 300 से 500 रुपये में बिक रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वे अपनी फसल की लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
गिरावट के कारण
दामों में इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह मौसम में बदलाव और बाहरी राज्यों से अधिक आपूर्ति है। सोलन में टमाटर की फसल सामान्य से लगभग 20 दिन देरी से तैयार हुई है, जिससे किसान शुरुआती अच्छे दामों से वंचित रह गए। इसके अलावा, बेंगलुरु और हरियाणा के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में टमाटर की बंपर पैदावार हुई है, जिसकी बड़ी खेप देश की बड़ी मंडियों में पहुंच रही है। इससे सोलन के टमाटर की मांग और कीमतों पर सीधा असर पड़ा है।
मंडी में मौजूदा स्थिति
शनिवार को मंडी में टमाटर थोक में 12 से 20 रुपये प्रति किलो बिका, जबकि शिमला मिर्च के दाम क्वालिटी के आधार पर 30 से 66 रुपये प्रति किलो रहे। पिछले तीन-चार दिनों से भारी बारिश के कारण किसान मिर्च की तुड़ाई नहीं कर पाए थे। मौसम साफ होने पर उन्होंने तोड़ाई शुरू की, जिससे मंडी में शिमला मिर्च की भरमार हो गई और दाम गिर गए।
विशेषज्ञ की राय
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राघव सूद ने बताया कि बेंगलुरु से टमाटर की भारी खेप बड़ी मंडियों में पहुंचने के कारण स्थानीय टमाटर को अपेक्षित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बाजार में टमाटर की आवक संतुलित होने पर इसके दामों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, शिमला मिर्च के दाम आगामी दिनों में वर्तमान स्तर पर ही स्थिर रहने की संभावना है।
FAQ
सोलन सब्जी मंडी में टमाटर के वर्तमान दाम क्या हैं?
टमाटर की 25 किलो की क्रेट 300 से 500 रुपये में बिक रही है, जबकि थोक भाव 12 से 20 रुपये प्रति किलो है।
शिमला मिर्च के दाम कितने हो गए हैं?
शिमला मिर्च अब 15 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव पर आ गई है, जो पहले 66 रुपये प्रति किलो थी।
दाम गिरने का मुख्य कारण क्या है?
बेंगलुरु और हरियाणा से टमाटर की अधिक आपूर्ति और सोलन में टमाटर की फसल 20 दिन देरी से तैयार होना मुख्य कारण है।
क्या आने वाले दिनों में दाम बढ़ सकते हैं?
कृषि उपज मंडी समिति के अनुसार, आपूर्ति संतुलित होने पर टमाटर के दामों में हल्की बढ़ोतरी संभव है, जबकि शिमला मिर्च के दाम स्थिर रहने की उम्मीद है।