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कांगड़ा : दाड़ी में वर्षों से बंद टी-फैक्टरी फिर से शुरू होगी, एमओयू साइन

क्या है पूरा मामला? कांगड़ा जिले के धर्मशाला उपमंडल के दाड़ी क्षेत्र में स्थित टी-फैक्टरी, जो वर्षों से बंद पड़ी थी, अब फिर से संचालित होने जा रही है। सहकारिता विभाग ने इस दिशा में…

क्या है पूरा मामला?

कांगड़ा जिले के धर्मशाला उपमंडल के दाड़ी क्षेत्र में स्थित टी-फैक्टरी, जो वर्षों से बंद पड़ी थी, अब फिर से संचालित होने जा रही है। सहकारिता विभाग ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए एक निजी कंपनी के साथ पांच वर्ष का समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। यह एमओयू करीब एक माह पहले साइन किया गया था और वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी होगा।

समझौते की शर्तें

एमओयू के तहत निजी कंपनी फैक्टरी का संचालन और रखरखाव पांच साल तक करेगी। इसके बदले में कंपनी सहकारिता विभाग को प्रतिवर्ष एक लाख रुपये का भुगतान करेगी। यह कदम बंद पड़ी सरकारी संपत्ति के उपयोग को सुनिश्चित करेगा और विभाग को राजस्व भी प्रदान करेगा।

फैक्टरी के बंद होने के कारण

पहले यह फैक्टरी सहकारिता विभाग के अधीन संचालित होती थी, लेकिन लगातार घाटे के कारण इसे बंद कर दिया गया था। उस समय सैकड़ों कर्मचारी यहां कार्यरत थे, लेकिन काम कम होने के चलते अधिकतर ने नौकरी छोड़ दी। फैक्टरी के घाटे में होने के कारण कर्मियों को वेतन देना और बिजली बिल जैसी अदायगी करना मुश्किल हो गया था। फिलहाल कुछ ही कर्मचारी यहां बचे हैं।

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

फैक्टरी के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर चाय उत्पादन और संबंधित कार्यों को नई गति मिलेगी। सहकारिता विभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार चैन लाल ठाकुर ने कहा, 'फैक्टरी के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।'

आगे की राह

यह पहल न केवल बंद पड़ी सरकारी परिसंपत्ति का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी। स्थानीय निवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र का विकास होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दाड़ी टी-फैक्टरी कब तक बंद थी?

फैक्टरी कई वर्षों से बंद थी, लेकिन अब वित्तीय वर्ष 2026-27 से इसे फिर से शुरू किया जाएगा।

फैक्टरी के संचालन का जिम्मा किसे दिया गया है?

सहकारिता विभाग ने एक निजी कंपनी के साथ पांच साल का एमओयू किया है, जो फैक्टरी का संचालन और रखरखाव करेगी।

इससे स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?

फैक्टरी के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और चाय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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