मुख्य तथ्य
मंडी शहर के क्षेत्रीय अस्पताल मार्ग पर अवैध पार्किंग एक गंभीर समस्या बन गई है। सकोढी चौक से गणपति मार्ग तक सड़क और फुटपाथ पर वाहन खड़े रहने से एंबुलेंस की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पुलिस गश्त के अभाव में वाहन चालक बेखौफ पार्किंग कर रहे हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और रेफरल मरीजों को अन्य अस्पताल भेजने में देरी हो रही है।
विस्तार से जानकारी
मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल का मुख्य मार्ग दोपहिया और चौपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया है। सकोढी चौक से गणपति मार्ग तक सड़क और फुटपाथ पर वाहन खड़े रहने से आपातकाल में एंबुलेंस निकालना मुश्किल हो रहा है। पुलिस गश्त और नियमित निगरानी के अभाव में वाहन चालक बेखौफ पार्किंग कर रहे हैं। अस्पताल के मुख्य गेट पर ऑटो चालकों की मनमानी भी परेशानी बढ़ा रही है। सवारियां उठाने के दौरान ऑटो सड़क पर ही खड़े किए जाते हैं, जिससे कई बार मरीज चोटिल हो जाते हैं।
प्रभाव
इस अवैध पार्किंग के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही है, जो गंभीर स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती है। वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि संकरे अस्पताल मार्ग पर सड़क और फुटपाथ दोनों पर अतिक्रमण और पार्किंग के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और यातायात कर्मियों की तैनाती की मांग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने नगर निगम की बैठक में इस मार्ग को नो पार्किंग जोन घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। एएसपी मंडी अभिमन्यु वर्मा ने कहा कि अस्पताल मार्ग पर पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
पाठकों के लिए सुझाव
- अस्पताल मार्ग पर वाहन पार्क न करें, नो पार्किंग जोन का पालन करें।
- यदि अवैध पार्किंग देखें तो पुलिस को सूचित करें।
- आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को प्राथमिकता दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल मार्ग पर अवैध पार्किंग की समस्या क्यों है?
सकोढी चौक से गणपति मार्ग तक सड़क और फुटपाथ पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग हो रही है, जिससे एंबुलेंस और अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। पुलिस गश्त न होने से यह समस्या और गंभीर हो गई है।
इस समस्या से मरीजों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
अवैध पार्किंग के कारण एंबुलेंस को अस्पताल से निकलने और मरीजों को लाने-ले जाने में देरी हो रही है, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने नगर निगम बैठक में मार्ग को नो पार्किंग जोन घोषित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने पुलिस कर्मियों को यातायात सुधारने के निर्देश देने का आश्वासन दिया है।