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हिमाचल में भूस्खलन: किन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग 5 अवरुद्ध, भारी चट्टानें गिरीं

प्रमुख तथ्य हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार शाम को भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें रल्ली के समीप लाल ढांक की पहाड़ियों से विशाल चट्टानें गिर गईं। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (NH5)…

प्रमुख तथ्य

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में रविवार शाम को भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें रल्ली के समीप लाल ढांक की पहाड़ियों से विशाल चट्टानें गिर गईं। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (NH5) पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन ने मार्ग को बहाल करने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

भूस्खलन की यह घटना 12 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे हुई। रल्ली और लाल ढांक के बीच पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने से NH5 पर यातायात ठप हो गया। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मौसम विभाग का अलर्ट

शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में पांच दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। 12 से 16 जुलाई तक हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 12 जुलाई को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।

बारिश और तापमान का रिकॉर्ड

पिछले 24 घंटों में राज्य में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जोगिंदरनगर में सर्वाधिक 6 सेमी बारिश हुई, जबकि मनाली में 5 सेमी, सराहन में 4 सेमी, रोहड़ू में 3 सेमी और शिमला में 2 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रशासन की अपील

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, जलभराव, फिसलन भरी सड़कों, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने जैसी संभावित स्थितियों से आगाह किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करें। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किन्नौर में भूस्खलन कब हुआ?

यह घटना रविवार, 12 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे हुई।

भूस्खलन से कौन सा राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ?

राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (NH5) रल्ली के पास लाल ढांक की पहाड़ियों से चट्टानें गिरने से अवरुद्ध हो गया।

हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 16 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा में भारी बारिश की संभावना है।

भूस्खलन के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

प्रशासन हाईवे को बहाल करने में जुटा है और लोगों से नदी-नालों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

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