मुख्य तथ्य
हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र मणिदीप रेड्डी गुज्जा, जो फिनलैंड में पढ़ाई कर रहे थे, का शव हेलसिंकी के समुद्र से बरामद किया गया है। परिवार ने मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। भारतीय दूतावास ने 10 जुलाई को परिवार को इसकी सूचना दी।
पूरा मामला
मणिदीप रेड्डी गुज्जा फिनलैंड के Lappeenranta-Lahti University of Technology (LUT University) में स्नातक की पढ़ाई कर रहे थे। वह लाहटी शहर के रितानीमेनकातु में रहते थे। 5 मई को वह हेलसिंकी के एक शॉपिंग मॉल में अंतिम बार देखे गए थे, जो उनके निवास से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। फिनिश पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिली जिसमें वह मॉल में घूमते दिख रहे हैं। उसके बाद से वह लापता थे।
उनके माता-पिता, ममता रेड्डी और जी मुत्यम रेड्डी, ने तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था ताकि अधिकारियों को अपने बेटे को ढूंढने का निर्देश दिया जाए। परिजनों के अनुसार, 5 मई को मणिदीप ने उनसे 5,000 रुपये मांगे थे। मां ने कहा, "उसने मुझे इतनी छोटी राशि के लिए फोन किया, और मैंने ट्रांसफर कर दी।" इस राशि में से लगभग 2,500 रुपये का उपयोग करके वह बस से हेलसिंकी पहुंचा। हेलसिंकी में उसे एक खाने की दुकान पर और फिर शॉपिंग मॉल में देखा गया। इसके तुरंत बाद उसका फोन बंद हो गया।
परिवार की प्रतिक्रिया और मांग
परिवार के वकील केएलबी कुमार ने कहा कि मामले की जांच ठीक से नहीं हुई और दो महीने बाद शव मिलने से कई संदेह पैदा होते हैं। उन्होंने कहा, "हमारे कई संदेह हैं। दो महीने बाद शव बरामद हुआ है। हम मानते हैं कि यह एक संदिग्ध मौत है।" वकील ने केंद्र सरकार से माता-पिता को फिनलैंड जाने और शव देखने में मदद करने का अनुरोध किया। उन्होंने मांग की कि फिनिश अधिकारी उन परिस्थितियों की जांच करें जिनमें लड़का गायब हुआ और मौत हुई।
मां ममता रेड्डी ने कहा, "हम नहीं जानते कि उसके साथ क्या हुआ। हमने सोचा था कि वह वापस आएगा और एक अच्छी नौकरी में सफल होगा।" मणिदीप 2025 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए फिनलैंड गया था।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस घटना ने विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है ताकि फिनिश अधिकारियों से पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- मणिदीप रेड्डी गुज्जा हैदराबाद के रहने वाले थे और फिनलैंड के LUT University में पढ़ रहे थे।
- वह 5 मई को हेलसिंकी के एक शॉपिंग मॉल में अंतिम बार देखा गया था।
- उसका शव 10 जुलाई को हेलसिंकी के समुद्र से बरामद हुआ।
- परिवार ने संदिग्ध मौत की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मणिदीप रेड्डी गुज्जा कौन थे?
वह हैदराबाद के 18 वर्षीय छात्र थे, जो फिनलैंड के LUT University में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे।
उनकी मौत कैसे हुई?
5 मई को वह हेलसिंकी के एक शॉपिंग मॉल में अंतिम बार देखे गए थे। दो महीने बाद 10 जुलाई को उनका शव हेलसिंकी के समुद्र से बरामद हुआ। मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं।
परिवार की क्या मांग है?
परिवार ने फिनिश अधिकारियों से पारदर्शी जांच की मांग की है तथा भारत सरकार से माता-पिता को फिनलैंड जाने में मदद करने का अनुरोध किया है।
क्या यह मामला संदिग्ध है?
परिवार के वकील के अनुसार, शव दो महीने बाद मिलने और जांच में कमियों के कारण यह संदिग्ध मौत प्रतीत होती है।