मुख्य तथ्य
मंडी जिले के टिहरा में कृषि सहकारी सभा समिति चोलथरा की वार्षिक सभा हंगामेदार माहौल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान सतीश कुमार बनयाल ने की। सचिव द्वारा वर्ष 2024-25 का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किए जाने पर सदस्यों ने वित्तीय प्रबंधन और विकास कार्यों पर नाराजगी जताई।
ऋण अनियमितताओं पर तीखी बहस
सदस्यों ने ऋण आवंटन, ऋण वसूली और कर्ज माफी से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा। इस दौरान सदस्यों और प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई। सदस्यों ने मांग की कि समय पर ऋण न चुकाने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
पारित प्रस्ताव
लंबी चर्चा और नोकझोंक के बाद सदन ने सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी:
- वेतन वृद्धि: डिपो के सेल्समैन के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय लिया गया।
- राशन वितरण: उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए डिपो में समय पर राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
- अवकाश नियंत्रण: सेल्समैन को मनमर्जी से अवकाश न लेने और आवश्यक होने पर पूर्व सूचना प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।
- पारदर्शिता: राशन वितरण के तुरंत बाद उपभोक्ताओं को पक्का बिल देना अनिवार्य किया गया।
- समय पर अधिवेशन: भविष्य में सभा के अधिवेशन निर्धारित समय पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर सरौन पंचायत की प्रधान रुमला देवी और बसंतपुर पंचायत की प्रधान रीना ठाकुर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह बैठक सहकारी समितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दे और पारित प्रस्ताव समिति के कामकाज में सुधार की दिशा में एक कदम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चोलथरा सहकारी सभा की वार्षिक बैठक कब हुई?
बैठक 12 जुलाई 2026 को टिहरा (मंडी) में हुई।
बैठक में किन मुद्दों पर हंगामा हुआ?
ऋण आवंटन, ऋण वसूली और कर्ज माफी में कथित अनियमितताओं को लेकर सदस्यों ने प्रबंधन से जवाब मांगा, जिससे तीखी बहस हुई।
बैठक में क्या प्रस्ताव पारित हुए?
सेल्समैन के वेतन में 20% वृद्धि, समय पर राशन उपलब्ध कराने, सेल्समैन की छुट्टियों पर नियंत्रण, और उपभोक्ताओं को पक्का बिल देने के प्रस्ताव पारित हुए।