चंबा में सड़क गड्ढों की समस्या
चंबा शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में सड़क के गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, लेकिन लोगों को खुद ही बोरियां बिछाकर नगर परिषद की नाकामी को ढकना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद ने गड्ढों को भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है।
दुकानदारों की मजबूरी
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दुकानदारों ने राहगीरों को सतर्क करने के लिए गड्ढों को बोरियों से ढक दिया है। स्थानीय दुकानदार जयराम कपूर ने कहा, 'अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में हालात और भी दयनीय हो जाएंगे।'
पर्यटकों पर प्रभाव
दुकानदार राकेश पठानिया ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति का पर्यटकों और बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा, 'बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर सड़क की बदहाल स्थिति का गलत प्रभाव पड़ रहा है।'
नगर परिषद की प्रतिक्रिया
नगर परिषद अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी मिल गई है और हाउस की बैठक में सड़कों की दशा सुधारने संबंधी निर्णय लेकर कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
स्थानीय निवासियों की मांग
दुकानदार अशोक कुमार ने कहा कि शहर के प्रवेश करने की मुख्य सड़क समेत गलियों की सड़कों की हालत काफी दयनीय है। वहीं, योगेश चोपड़ा ने नगर परिषद से अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले से पहले शहर की मुख्य सड़क की दशा सुधारने की अपील की।
FAQ
चंबा के पुराने बस स्टैंड पर गड्ढों को बोरियों से क्यों ढका गया?
नगर परिषद द्वारा गड्ढे न भरे जाने पर दुकानदारों ने राहगीरों को दुर्घटना से बचाने के लिए बोरियां बिछा दीं।
नगर परिषद अध्यक्ष ने इस मामले में क्या कहा?
अध्यक्ष भुवनेश्वरी गुलाटी ने कहा कि हाउस की बैठक में सड़क सुधार का निर्णय लेकर कार्य शुरू करवाए जाएंगे।
स्थानीय दुकानदारों ने क्या चिंता जताई?
दुकानदारों ने कहा कि बारिश में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है और पर्यटकों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का इस समस्या से क्या संबंध है?
दुकानदार योगेश चोपड़ा ने कहा कि मिंजर मेले से पहले नगर परिषद को सड़क की दशा सुधारनी चाहिए।