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सोलन: टमाटर की फसल अब बीमा के दायरे में, 31 जुलाई तक करें आवेदन

मुख्य तथ्य हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए टमाटर की फसल को पुनर्गठित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में शामिल कर लिया है। अब प्राकृतिक आपदाओं…

मुख्य तथ्य

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए टमाटर की फसल को पुनर्गठित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में शामिल कर लिया है। अब प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से टमाटर की फसल के नुकसान पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। यह योजना जिला सोलन सहित पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

योजना का विस्तार और लाभ

कृषि उप निदेशक डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि पहले केवल मक्की और धान की फसलों का ही बीमा किया जाता था, लेकिन अब टमाटर की फसल को भी शामिल किया गया है। इससे किसानों को अपनी फसल को लेकर अधिक सुरक्षा मिलेगी। योजना के तहत टमाटर के लिए 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है, जबकि किसानों को 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम देना होगा।

आवेदन प्रक्रिया और समय सीमा

इच्छुक किसान 31 जुलाई 2026 तक अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। मक्की और धान की फसल के लिए अंतिम तिथि 15 जुलाई है। आवेदन के लिए जमीन की जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और बिजाई प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।

योजना में शामिल जोखिम

पुनर्गठित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत निम्नलिखित स्थितियों में मुआवजा दिया जाएगा:

  • कम वर्षा या सूखा
  • बाढ़ या सैलाब
  • भूमि कटाव
  • ओलावृष्टि
  • फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाला नुकसान
  • स्थानीयकृत आपदाएं

किसानों के लिए सुझाव

डॉ. देव राज कश्यप ने किसानों से आग्रह किया है कि वे समय पर आवेदन करके अपनी फसल को सुरक्षित करें। योजना का लाभ उठाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

टमाटर की फसल का बीमा कराने की अंतिम तिथि क्या है?

किसान 31 जुलाई 2026 तक टमाटर की फसल का बीमा करा सकते हैं।

टमाटर बीमा के लिए प्रति बीघा कितना प्रीमियम देना होगा?

किसानों को टमाटर की फसल के लिए 800 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम अदा करना होगा।

बीमा योजना में किन आपदाओं को कवर किया जाता है?

योजना में कम वर्षा, सूखा, बाढ़, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है?

जमीन की जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और बिजाई प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।

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