शिविर का आयोजन और उद्देश्य
पहली हिमाचल (लड़कों) बटालियन सोलन की ओर से डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के सातवें दिन एनसीसी कैडेटों को नशे के बढ़ते खतरे और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। शिविर का संचालन बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राजीव थॉमस की देखरेख में हुआ।
नशे के खतरों पर विशेष सत्र
इस दौरान कैडेटों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहें और अपने परिवार व दोस्तों को भी इससे बचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। साइबर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) सोलन के हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा, “डिजिटल युग में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।” उन्होंने आगे कहा, “एनसीसी कैडेट अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा के प्रतीक होते हैं, इसलिए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनकर कार्य करना चाहिए।”
साइबर सुरक्षा और बचाव के उपाय
वीरेंद्र सिंह ने कैडेटों को साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान चोरी जैसे खतरों से सावधान रहना चाहिए। कैडेटों को मजबूत पासवर्ड बनाने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।
शिविर की अन्य गतिविधियां
जागरूकता सत्र के अलावा कैडेटों ने मॉर्निंग पीटी, ड्रिल और खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया। इन गतिविधियों का उद्देश्य कैडेटों में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देना था।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर एसएम सुनील कुमार राणा, ट्रेनिंग जेसीओ अतीक रहमान, एएनओ डॉ. सुभाष शर्मा, कमलेश, अरुण कुमार, दुष्यंत के अलावा सिविल स्टाफ के तेग बहादुर, धर्मेंद्र, ओम, नवीन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
एनसीसी शिविर में कैडेटों को किन विषयों पर जागरूक किया गया?
कैडेटों को नशे के खतरों, साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
यह शिविर कहां आयोजित किया गया?
यह शिविर डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, सोलन में आयोजित किया गया।
साइबर सुरक्षा पर किसने जानकारी दी?
साइबर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) सोलन के हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने कैडेटों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए।