मुख्य तथ्य
सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में रत्ता खड्ड के बीच एक ट्रैक्टर कंपनी ने अवैध रूप से निर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी ने खड्ड के आधे हिस्से को घेरकर चहारदीवारी बना ली है, जिससे पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। इससे बद्दी-नालागढ़ मार्ग पर स्थित एकमात्र पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है।
विस्तृत जानकारी
बद्दी के मलकू माजरा में रत्ता खड्ड में यह कंपनी बनाई जा रही है। पूर्व सरकार ने इसे लीज पर जमीन दी थी। कंपनी के साथ चहारदीवारी का काम भी चल रहा है, जिससे खड्ड की चौड़ाई आधी रह गई है। बरसात में तेज पानी के दौरान कंपनी को नुकसान हो सकता है और रत्ता पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है। यह पुल पहले से जर्जर हालत में है और पानी का बहाव एक ओर होने से पुल के ऊपर से पानी जा सकता है।
प्रभाव
अगर यह पुल क्षतिग्रस्त होता है, तो बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) क्षेत्र के उद्योगपतियों को यातायात समस्या का सामना करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी के निर्माण से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
दून के पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने कहा, 'जब भाजपा सरकार ने कंपनी को यह जमीन लीज पर दी थी, तो कांग्रेस के विधायकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और बड़ा घोटाला होने का अंदेशा बताया था। कांग्रेस सरकार के आने के बाद किसी ने कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। उल्टा कंपनी को खड्ड में चैनेलाइजेशन के लिए करोड़ों रुपये का बजट दे दिया है।'
गो सेवा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया, 'तेज बारिश में पानी पुल तक आता है, तो ऐसे में कंपनी की चहारदीवारी को नुकसान हो सकता है। बारिश के दौरान होने वाले नुकसान से यही कंपनी के लोग सरकार से क्लेम करेंगे।'
सरकार का रुख
उद्योग विभाग का कहना है कि कंपनी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। रत्ता खड्ड पर एनएचएआई की ओर से नया पुल बनना प्रस्तावित है। हालांकि, स्थानीय लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं और मांग कर रहे हैं कि निर्माण रोका जाए।
FAQ
बद्दी के रत्ता खड्ड में कंपनी क्यों बनाई जा रही है?
पूर्व सरकार ने एक ट्रैक्टर कंपनी को यह जमीन लीज पर दी थी, जिस पर कंपनी ने निर्माण शुरू कर दिया।
इस निर्माण से क्या खतरा है?
खड्ड का आधा हिस्सा बंद होने से पानी का बहाव एक तरफ हो जाएगा, जिससे पुल क्षतिग्रस्त हो सकता है और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय नेताओं की क्या प्रतिक्रिया है?
पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने इसका विरोध किया था, लेकिन अब सरकार चुप है। अशोक शर्मा ने चेतावनी दी कि कंपनी बारिश में नुकसान का दावा कर सकती है।