मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश सरकार ने टमाटर की फसल को पुनर्गठित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में शामिल कर लिया है। अब प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से टमाटर की फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा मिलेगा। पहले केवल मक्की और धान की फसलों का ही बीमा होता था।
योजना का विवरण
कृषि उप निदेशक डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि सोलन जिले सहित पूरे प्रदेश में यह योजना लागू की गई है। इसके तहत टमाटर की फसल के लिए 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को प्रति बीघा 800 रुपये प्रीमियम देना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया और तिथियां
- मक्की और धान की फसल के लिए बीमा आवेदन की अंतिम तिथि: 15 जुलाई 2026
- टमाटर की फसल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026
- आवेदन नजदीकी लोकमित्र केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
- जमीन की जमाबंदी
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- बिजाई प्रमाण पत्र
कवर की जाने वाली आपदाएं
योजना के तहत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है। स्थानीयकृत आपदाओं को भी शामिल किया गया है।
किसानों पर प्रभाव
यह कदम टमाटर उत्पादक किसानों के लिए राहत भरा है, जो अक्सर मौसम की मार से प्रभावित होते हैं। बीमा कवर से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे जोखिम उठाकर बेहतर उत्पादन कर सकेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
टमाटर की फसल का बीमा कराने की अंतिम तिथि क्या है?
किसान 31 जुलाई 2026 तक टमाटर की फसल का बीमा करा सकते हैं।
टमाटर बीमा के लिए प्रीमियम कितना है?
प्रति बीघा 800 रुपये प्रीमियम देना होगा, जबकि बीमित राशि 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है।
बीमा के लिए कहां आवेदन करें?
नजदीकी लोकमित्र केंद्र या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
किन-किन आपदाओं को कवर किया जाता है?
कम वर्षा, सूखा, बाढ़, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के बाद दो सप्ताह तक के नुकसान को कवर किया जाता है।