मामले की शुरुआत
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र में दो युवकों की मौत के मामले ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पंचायत पनालथ के देहरी गांव निवासी सुनील कुमार उर्फ नोखा (25) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिन पर कुछ दिन पहले लापता युवक साहिल मनहास की हत्या का आरोप लगा था।
घटना का विवरण
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को सुनील कुमार अपने घर के पास जंगल में बेसुध और चिल्लाती हालत में मिला। परिजनों ने उसे चारपाई पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की। इसी दौरान क्षेत्र में चार दिनों से लापता जरोट निवासी साहिल मनहास (25) का शव पौंग बांध की भूमि पर एक खंडहर से बरामद हुआ। साहिल के परिजनों ने सुनील और उसके रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया था।
तनाव और पुलिस हस्तक्षेप
जब परिजन सुनील को गंभीर हालत में अस्पताल ले जा रहे थे, तो साहिल की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने रास्ते में रोक दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी वीरी सिंह ने गुस्साए लोगों को शांत कराया और सुनील को सिविल अस्पताल जवाली पहुंचाया गया। वहां से उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां शनिवार, 11 जुलाई को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच
डीएसपी वीरी सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
प्रभाव और स्थानीय प्रतिक्रिया
इस घटना ने जवाली क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों में दोनों युवकों की मौत को लेकर कई सवाल हैं। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुनील कुमार की मौत कैसे हुई?
सुनील कुमार जंगल में बेसुध मिले थे, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
साहिल मनहास का शव कहां मिला?
साहिल का शव पौंग बांध की भूमि पर एक खंडहर से बरामद हुआ।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।