मुख्य तथ्य
हमीरपुर जिले में एकीकृत कृषि क्लस्टर (इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर) के माध्यम से 2000 ग्रामीण महिलाओं को सालाना एक लाख रुपये से अधिक की कमाई वाली 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) द्वारा संचालित की जा रही है, जिसमें दिल्ली की इमागो कंपनी उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करेगी।
योजना का विवरण
जिले के सुमेरपुर और मुस्करा क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को इस क्लस्टर से जोड़ा जाएगा। NRLM के उपायुक्त ज्ञानप्रकाश के अनुसार, एकीकृत कृषि क्लस्टर दो से तीन गांवों का एक समूह होता है जिसमें 250 से 300 परिवार शामिल किए जाते हैं। इन परिवारों को आजीविका के तीन से चार साधनों—सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, जैविक खेती और खाद्य प्रसंस्करण—के लिए आधुनिक प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण और सहायता
महिलाओं को आजीविका सखी और उद्यम सखी के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन और बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं की आय में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है।
बाजार और बिक्री की व्यवस्था
इमागो कंपनी को उत्पादों की खरीद के लिए नामित किया गया है। यह कंपनी महिलाओं के उत्पादों को खेत से ही खरीदकर मौके पर भुगतान करेगी, जिससे बिचौलियों की आवश्यकता नहीं रहेगी और महिलाओं को उचित मूल्य मिल सकेगा।
प्रभाव और लाभ
इस योजना से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। एकीकृत कृषि से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एकीकृत कृषि क्लस्टर क्या है?
यह दो-तीन गांवों का समूह होता है जिसमें 250-300 परिवारों को शामिल किया जाता है। इन्हें कई आय-आधारित गतिविधियों जैसे सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन, जैविक खेती और खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस योजना से कितनी महिलाएं लाभान्वित होंगी?
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर और मुस्करा क्षेत्रों की 2000 महिलाएं इससे जुड़ेंगी और लखपति बनने का लक्ष्य रखा गया है।
इमागो कंपनी की क्या भूमिका है?
दिल्ली की इमागो कंपनी महिलाओं के उत्पादों को खेत से ही खरीदकर मौके पर भुगतान करेगी, जिससे बिचौलियों की आवश्यकता नहीं रहेगी।
यह योजना किसके द्वारा संचालित की जा रही है?
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) द्वारा इसकी कवायद की जा रही है।