घटना का संक्षिप्त विवरण
कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र में दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पंचायत पनालथ के गांव देहरी निवासी सुनील कुमार उर्फ नोखा (25) की शनिवार को टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे कुछ दिन पहले ही उस पर पड़ोसी गांव जरोट के युवक साहिल मनहास की हत्या का आरोप लगा था।
कैसे हुई घटना?
शुक्रवार 10 जुलाई को सुनील कुमार अपने घर के पास जंगल में बेसुध और चिल्लाती हालत में मिला। परिजनों ने उसे चारपाई पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया और अस्पताल ले जाने की तैयारी की। इसी दौरान क्षेत्र में चार दिनों से लापता साहिल मनहास का शव पौंग बांध की भूमि पर एक खंडहर से बरामद हुआ। साहिल के परिजनों ने सुनील और उसके रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया।
तनावपूर्ण माहौल और पुलिस हस्तक्षेप
जब परिजन सुनील को गंभीर हालत में अस्पताल ले जा रहे थे, तो साहिल की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों और उसके परिजनों ने रास्ता रोक दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी वीरी सिंह ने गुस्साए लोगों को शांत कराया और सुनील को सिविल अस्पताल जवाली पहुंचाया गया। वहां से उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां शनिवार को उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
डीएसपी वीरी सिंह ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सुनील कुमार की मौत कैसे हुई?
सुनील कुमार 10 जुलाई को जंगल में बेसुध मिला था, जिसे सिविल अस्पताल जवाली और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां 11 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
साहिल मनहास के शव का क्या हुआ?
साहिल का शव पौंग बांध की भूमि पर एक खंडहर से बरामद हुआ। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्या सुनील पर साहिल की हत्या का आरोप था?
हां, साहिल के परिजनों ने सुनील और उसके रिश्तेदारों पर साहिल की हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
डीएसपी वीरी सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया और सुनील को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।