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Mandi News: सराज में तेंदुए का आतंक, बाड़े में घुसकर 26 बकरियां मार डालीं

घटना का विवरण हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी की सराज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत शिकावरी में शुक्रवार रात एक तेंदुए ने किसान कृष्ण लाल के बाड़े में घुसकर 26 बकरियों को मार डाला। यह…

घटना का विवरण

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी की सराज तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत शिकावरी में शुक्रवार रात एक तेंदुए ने किसान कृष्ण लाल के बाड़े में घुसकर 26 बकरियों को मार डाला। यह घटना आधी रात के आसपास हुई, जब परिवार सो रहा था। सुबह जब कृष्ण लाल बाड़े के पास पहुंचे तो बकरियों के क्षत-विक्षत शव बिखरे पड़े थे। कुछ बकरियां बाड़े के अंदर मृत मिलीं, जबकि तेंदुआ कई शवों को घसीटकर पास के जंगल में ले गया था।

आर्थिक क्षति और प्रभाव

कृष्ण लाल ने बताया कि उनके पास कुल 30 बकरियां थीं, जिनमें से 26 मारी गईं। अब केवल चार बकरियां बची हैं। ये बकरियां उनकी आजीविका का मुख्य साधन थीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार उन्हें लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यह घटना पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को उजागर करती है।

ग्रामीणों की चिंता और प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों सोहन लाल, निर्मल सिंह, लीला राम और अन्य ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि एक ही रात में इतनी बड़ी संख्या में बकरियों के मारे जाने से क्षेत्र में एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका है। ग्रामीण अपने बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं।

प्रशासन से मांग

ग्राम पंचायत शिकावरी की प्रधान राधा देवी और उपप्रधान पुष्प राज ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि और उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, तेंदुए की निगरानी के लिए पिंजरा लगाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।

FAQ

तेंदुए के हमले में कितनी बकरियां मारी गईं?

हमले में 26 बकरियां मारी गईं, जिनमें से कुछ बाड़े में और कुछ जंगल में मिलीं।

पीड़ित परिवार को कितना नुकसान हुआ?

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लगभग 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

क्षेत्र में कितने तेंदुओं की आशंका है?

ग्रामीणों को एक से अधिक तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका है, क्योंकि हमले में बड़ी संख्या में बकरियां मारी गईं।

प्रशासन से क्या मांग की गई है?

पंचायत प्रतिनिधियों ने पीड़ित को तत्काल मुआवजा, वन विभाग से गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग की है।

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