पूर्व सीएम का बड़ा बयान
पालमपुर (कांगड़ा) से मिली जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने शनिवार को जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन यह महज एक दिखावा है। असल में सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
जनसंख्या का बढ़ता आंकड़ा
शांता कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि देश की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 1947 में भारत की जनसंख्या 39 करोड़ थी, जो आज बढ़कर 145 करोड़ हो गई है। यह वृद्धि चिंताजनक है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
गरीबी और बेरोजगारी का संकट
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भारत की आबादी को सौ करोड़ पर ही रोक लिया गया होता, तो आज देश में इतनी भयंकर गरीबी और बेरोजगारी नहीं होती। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या को देश की समस्याओं की जड़ बताया।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र
शांता कुमार ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार पत्र लिखे, लेकिन आज तक उन्हें एक भी जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहुत काम कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती आबादी की भयंकर समस्या पर उन्होंने कोई उचित कार्रवाई नहीं की।
क्या कहते हैं आंकड़े?
- 1947 में भारत की जनसंख्या: 39 करोड़
- 2026 में भारत की जनसंख्या: 145 करोड़
- वृद्धि: 106 करोड़ (लगभग 272%)
आगे की राह
शांता कुमार के इस बयान ने एक बार फिर जनसंख्या नियंत्रण पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस दिशा में ठोस नीति बनानी चाहिए, ताकि आने वाले वर्षों में देश को गंभीर संकटों का सामना न करना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: शांता कुमार ने जनसंख्या दिवस पर क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कहा कि भारत हर साल जनसंख्या दिवस पर केवल ढोंग करता है, जबकि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है।
सवाल: शांता कुमार ने प्रधानमंत्री को कितने पत्र लिखे?
जवाब: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
सवाल: 1947 में भारत की जनसंख्या कितनी थी?
जवाब: 1947 में भारत की जनसंख्या 39 करोड़ थी, जो अब 145 करोड़ हो गई है।