मुख्य घटना
शिमला के खलीनी बाईपास पर शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सुबह साढ़े नौ से दस बजे के बीच एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। यह पेड़ नगर निगम की निर्माणाधीन कार पार्किंग के पास स्थित 11 केवी हाईटेंशन (एचटी) बिजली लाइन पर गिरा, जिससे बिजली के तार टूट गए। इस घटना के कारण पूरे इलाके में अंधेरा छा गया और स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रभावित क्षेत्र
पेड़ गिरने से सबसे अधिक प्रभाव खलीनी बाईपास और ओल्ड फ्लवारडेल क्षेत्र में देखा गया। इन इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। घरों में रहने वाले लोगों को दोपहर तक बिजली के बिना रहना पड़ा। कई लोगों ने बताया कि अचानक बिजली गुल होने से उनके दैनिक कार्य प्रभावित हुए।
मरम्मत कार्य और बहाली
बिजली बोर्ड के सिटी डिवीजन के एक्सईएन तनुज गुप्ता ने बताया कि जहां बिजली के तार टूटे थे, वहां मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। दोपहर दो बजे तक अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा कि टीम ने तेजी से काम करते हुए क्षतिग्रस्त तारों को बदल दिया और सप्लाई सामान्य कर दी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
नगर निगम और बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। फिलहाल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल है और किसी प्रकार के जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है।
FAQ
खलीनी बाईपास पर पेड़ कब गिरा?
शनिवार, 11 जुलाई 2026 को सुबह साढ़े नौ से दस बजे के बीच पेड़ गिरा।
पेड़ गिरने से क्या नुकसान हुआ?
पेड़ गिरने से 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के तार टूट गए, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली आपूर्ति कब बहाल हुई?
दोपहर दो बजे तक अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
मरम्मत कार्य किसने किया?
बिजली बोर्ड के सिटी डिवीजन के एक्सईएन तनुज गुप्ता के नेतृत्व में मरम्मत कार्य पूरा किया गया।