पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल
चंबा जिले के शामधार पहाड़ी पर एक अनूठी पहल के तहत पूर्व बैंक अधिकारी मनजीत जसरोटिया और स्थानीय निवासियों ने हरियाली का सपना बोया है। वर्ष 2022 से शुरू इस अभियान में अब तक लगभग 250 पौधे रोपे जा चुके हैं, जिनमें देवदार, डोडन, कैंथ, दाडू और ककडेरन जैसी स्थानीय प्रजातियां शामिल हैं।
अभियान की शुरुआत और उद्देश्य
मनजीत जसरोटिया ने बताया कि बारिश के मौसम में शामधार पहाड़ी से भारी जलप्रवाह के कारण सुराड़ा वार्ड में काफी नुकसान होता था। इस समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्होंने पहाड़ी को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। उनकी सोच को मोहल्ले के अन्य लोगों का भी समर्थन मिला।
पौधरोपण और संरक्षण के प्रयास
अभियान से जुड़े लोग हर वर्ष 10 पौधों से शुरुआत करते हैं और अनुकूल परिस्थितियों में 40 या उससे अधिक पौधे रोपते हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बारिश में तेज जलप्रवाह से पौधों को बचाने के लिए उनके चारों ओर क्रेट लगाए गए हैं। इसके अलावा, अभियान से जुड़े लोग नियमित रूप से जंगल में जाकर पौधों को पानी देते हैं और उनकी देखभाल करते हैं।
सामुदायिक भागीदारी
इस मुहिम में सुरेंद्र सिंह, नीलम राणा, ललिता जसरोटिया, पूर्व पार्षद उर्मिला जसरोटिया, भूपेंद्र जसरोटिया और रविंद्र सहित कई अन्य लोग सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। मनजीत जसरोटिया का कहना है कि पौधरोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर संरक्षण का अभियान है।
चुनौतियां और मांगें
हालांकि, अभियान को कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। जंगल में लगने वाली आग और जंगली जानवरों से पौधों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग की मांग की गई है, लेकिन वन विभाग से अब तक सहयोग नहीं मिल पाया है। इसके बावजूद, स्थानीय लोग अपने प्रयासों में लगे हुए हैं।
निष्कर्ष
शामधार पहाड़ी पर यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी और निरंतर प्रयासों से यह पहाड़ी धीरे-धीरे हरियाली से आच्छादित हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शामधार पहाड़ी पर पौधरोपण अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान वर्ष 2022 में शुरू हुआ था।
इस अभियान में कितने पौधे लगाए गए हैं?
अब तक लगभग 250 पौधे रोपे जा चुके हैं।
पौधों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
पौधों के चारों ओर क्रेट लगाए गए हैं ताकि बारिश के तेज बहाव से बचाव हो सके।