मुख्य तथ्य
चम्बा जिले में भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार, 11 जुलाई 2026 को यातायात करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। बत्ती की हट्टी नामक स्थान के पास दो बार मलबा और चट्टानें गिरने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना का विवरण
पहली घटना सुबह के समय हुई, जब बत्ती की हट्टी के समीप मलबा आने से हाईवे 15 मिनट के लिए बंद हो गया। इसके बाद दूसरी बार शाम 4:30 बजे फिर से चट्टानें और पत्थर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंची और मशीनरी से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शाम 7:30 बजे हाईवे को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। इसके बाद दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकी।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
हाईवे बंद होने के दौरान सैकड़ों वाहन फंसे रहे, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। स्थानीय निवासियों अमित कुमार, केसर सिंह, दलीप कुमार, कन्हैया राम ने कहा कि बरसात के मौसम में बत्ती की हट्टी और अन्य संवेदनशील स्थानों पर बार-बार मार्ग बाधित हो रहा है। उन्होंने NHAI से स्थायी समाधान और बरसात के दौरान निगरानी बढ़ाने की मांग की।
NHAI के साइड इंचार्ज साहिल ने बताया कि प्रबंधन की मशीनरी हर बिंदु पर तैनात की गई है और तीन घंटे में हाईवे को सुचारू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आगे भी त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैयार रहेंगी।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- भरमौर-पठानकोट हाईवे चम्बा जिले की महत्वपूर्ण सड़क है, जो भरमौर को पठानकोट से जोड़ती है।
- बरसात के मौसम में इस मार्ग पर बत्ती की हट्टी सहित कई स्थानों पर भूस्खलन का खतरा रहता है।
- यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जान लें और आवश्यक सावधानी बरतें।
- NHAI ने आश्वासन दिया है कि संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी तैनात रहेगी और किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भरमौर-पठानकोट हाईवे पर यातायात कितने समय तक बाधित रहा?
शनिवार को करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। पहली बार सुबह 15 मिनट और दूसरी बार शाम 4:30 से 7:30 बजे तक।
हाईवे बाधित होने का क्या कारण था?
बत्ती की हट्टी के पास मलबा और चट्टानें गिरने से हाईवे अवरुद्ध हो गया।
किसने हाईवे को बहाल किया?
NHAI की टीम ने मशीनरी की मदद से मलबा हटाकर शाम 7:30 बजे यातायात सुचारू कराया।
स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
स्थानीय निवासियों ने NHAI से संवेदनशील स्थानों पर स्थायी समाधान और बरसात में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।