मुख्य तथ्य
चंबा जिले के भटियात उपमंडल के ककीरा क्षेत्र के चफ्फड़ गांव में पारंपरिक लखदाता छिंज मेले का आयोजन 11 जुलाई 2026 को किया गया। इस मेले में कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के नामी पहलवानों ने भाग लिया। बड़ी माली प्रतियोगिता में नेबू (भटियात) ने खिताब अपने नाम किया, जबकि पुरुषोत्तम (कोटला) उपविजेता रहे।
दंगल प्रतियोगिता का विवरण
दंगल में दो माली (प्रतियोगिताएं) आयोजित की गईं। बड़ी माली के विजेता नेबू को 3,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी पुरस्कार के रूप में दी गई। उपविजेता पुरुषोत्तम को 2,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी प्रदान की गई। दूसरी माली में सोनू (बिलासपुर) ने खिताब जीता, जबकि अजय (गोली) उपविजेता रहे। विजेता सोनू को 2,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी, जबकि उपविजेता अजय को 1,100 रुपये नकद और स्टील की बाल्टी पुरस्कार में दी गई।
मेले का आयोजन और उद्घाटन
मेले का आयोजन चफ्फड़ गांव के दो भाइयों लाल सिंह और शेर सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत लखदाता बाबा की पूजा-अर्चना से हुई। मुख्य अतिथि तारागढ़ पंचायत की बीडीसी सदस्य रीना देवी ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। मेला समिति के प्रधान लाल सिंह और शेर सिंह ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने मेले में आयोजित दंगल प्रतियोगिताओं का भी आनंद लिया।
प्रभाव और स्थानीय भागीदारी
देर रात तक चले दंगल में क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह मेला प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है और स्थानीय लोगों के लिए एक प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम है।
- दंगल में भाग लेने वाले पहलवानों को नकद पुरस्कार और स्टील की बाल्टी प्रदान की जाती है।
- मेले का आयोजन लखदाता बाबा की पूजा के साथ शुरू होता है, जो क्षेत्र की धार्मिक आस्था को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लखदाता छिंज मेला कहां आयोजित हुआ?
यह मेला चंबा जिले के भटियात उपमंडल के ककीरा क्षेत्र के चफ्फड़ गांव में आयोजित हुआ।
बड़ी माली कुश्ती प्रतियोगिता में कौन विजेता रहा?
बड़ी माली प्रतियोगिता में नेबू (भटियात) विजेता और पुरुषोत्तम (कोटला) उपविजेता रहे।
दूसरी माली कुश्ती में किसने खिताब जीता?
दूसरी माली में सोनू (बिलासपुर) ने खिताब जीता, जबकि अजय (गोली) उपविजेता रहे।
मेले का आयोजन किसने किया?
मेले का आयोजन चफ्फड़ गांव के दो भाइयों लाल सिंह और शेर सिंह ने किया।