प्रमुख तथ्य
चंबा जिले में खैरी-ब्रंगाल-चौहड़ा सड़क पर शनिवार शाम करीब 7:30 बजे अचानक पहाड़ी दरकने से बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। इस घटना के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की मशीनरी ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा।
घटना का विवरण
यह घटना ब्रंगाल के समीप हुई, जहां शनिवार शाम अचानक पहाड़ दरक गया और बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इससे खैरी-ब्रंगाल-चौहड़ा मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना के समय सड़क पर मौजूद राहगीरों में अमित कुमार, केशव चंद, दलीप कुमार, मनोहर नाथ और उमेश कुमार ने बताया कि अचानक हुए इस भूस्खलन से वे सभी स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में इस सड़क पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और विभाग को संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
प्रभावित क्षेत्र और यात्री
इस घटना से सबसे अधिक प्रभावित सुंड़ला, तेलका, सलूणी, तीसा और कोटी की ओर जाने वाले यात्री हुए। इन क्षेत्रों के लिए यह सड़क महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, और इसके बंद होने से लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक और यात्री मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे।
बहाली के प्रयास
सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की मशीनरी तुरंत मौके पर पहुंची। लोनिवि के सहायक अभियंता रजत सहगल ने बताया कि बड़ी चट्टान गिरने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में जुटी हैं, और जल्द ही यातायात सुचारू कर दिया जाएगा। देर रात तक लोनिवि के कर्मचारी और मशीनरी मार्ग बहाली के काम में लगे रहे।
स्थानीय निवासियों की मांग
स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम में इस सड़क पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने समय रहते सुधारात्मक कदम उठाने की भी बात कही, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
खैरी-ब्रंगाल-चौहड़ा सड़क क्यों बंद हुई?
शनिवार शाम 7:30 बजे ब्रंगाल के पास पहाड़ी दरकने से बड़ी चट्टानें सड़क पर गिर गईं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
सड़क बहाली का काम कब शुरू हुआ?
घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की मशीनरी मौके पर पहुंची और देर रात तक मलबा हटाने का कार्य जारी रहा।
इस घटना से किन क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए?
सुंड़ला, तेलका, सलूणी, तीसा और कोटी की ओर जाने वाले यात्रियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या बारिश के मौसम में इस सड़क पर ऐसी घटनाएं आम हैं?
स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात के मौसम में इस सड़क पर पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने विभाग से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।