प्रमुख तथ्य
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में शनिवार (11 जुलाई 2026) को हिंसक झड़प हुई जब वरिष्ठ BJP नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस से संघर्ष किया और राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को जाम कर दिया। यह विरोध 30 जुलाई के उपचुनाव के लिए मिश्रा को टिकट न दिए जाने के बाद भड़का।
विरोध का कारण
BJP ने शुक्रवार (10 जुलाई) को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया। इस फैसले से नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में गुस्सा था, क्योंकि मिश्रा को टिकट की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था।
प्रदर्शन का विवरण
करीब 3,000 से अधिक समर्थकों ने NH-44 पर 11-12 घंटे का नाकाबंदी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे दतिया के पुलिस अधीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि भीड़ ने पुलिस और अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। बाद में सड़क को खाली करा लिया गया और स्थिति नियंत्रण में है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
टिकट की घोषणा के बाद कई पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। आशुतोष तिवारी ने कहा कि मिश्रा उनके संरक्षक हैं और चुनाव प्रचार में मदद करेंगे। वहीं, मिश्रा के समर्थकों ने कहा कि वे तब तक नहीं मानेंगे जब तक 'नरोत्तम दादा' को टिकट नहीं मिलता।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री मिश्रा को 7,500 से अधिक वोटों से हराया था। लेकिन अप्रैल 2026 में एक धोखाधड़ी मामले में भारती को तीन साल की सजा सुनाई गई, जिससे वे अयोग्य हो गए और उपचुनाव जरूरी हो गया। बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
FAQ
दतिया उपचुनाव में कब वोटिंग है?
30 जुलाई 2026 को वोटिंग होगी और 3 अगस्त को नतीजे आएंगे।
नरोत्तम मिश्रा को टिकट क्यों नहीं मिला?
BJP ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिससे मिश्रा के समर्थक नाराज हो गए।
विरोध प्रदर्शन में क्या हुआ?
समर्थकों ने NH-44 पर 12 घंटे जाम किया, पुलिस पर पथराव किया, जवाब में आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ।