मुख्य तथ्य
बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत नौणी के छह गांवों में पिछले करीब एक वर्ष से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों में भारी रोष है। मानवां, नौणी, कोठीपुरा, परोही, राजपुरा और नोआ गांवों के निवासी सितंबर 2025 से बार-बार बिजली गुल होने की समस्या झेल रहे हैं। बिजली बोर्ड की सुस्ती के कारण अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
विस्तृत जानकारी
समस्या की गंभीरता
ग्रामीणों के अनुसार, फीडरों, ट्रांसफार्मरों और जंपरों में बार-बार खराबी आती है, लेकिन समय पर रखरखाव नहीं होता। बारिश और तेज हवा के दौरान विभाग के कर्मचारी मौसम खराब होने का बहाना बनाकर बिजली बहाल करने में देरी करते हैं। सामान्य मौसम में भी उपकरणों की नियमित जांच नहीं होती, जिससे छोटी-छोटी खराबियां लंबे समय तक बनी रहती हैं।
प्रभावित क्षेत्र और लोग
इन गांवों में बुजुर्ग, बीमार लोग और छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई बार 24-24 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। इसके अलावा, एम्स बिलासपुर के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ भी इन गांवों में किराये के मकानों में रहते हैं, जिनकी ड्यूटी भी प्रभावित होती है। विद्यार्थियों की परीक्षाओं के दौरान भी बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ता है।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, एसई और एक्सईएन स्तर तक कई शिकायतें की हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। आरोप है कि संबंधित जेई कई बार फोन तक नहीं उठाते, जिससे शिकायत दर्ज कराना भी मुश्किल हो जाता है। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में 12 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित होने का दावा किया गया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- प्रभावित गांव: मानवां, नौणी, कोठीपुरा, परोही, राजपुरा, नोआ
- समस्या की शुरुआत: सितंबर 2025
- मुख्य कारण: फीडर, ट्रांसफार्मर और जंपरों की खराबी और रखरखाव में लापरवाही
- ग्रामीणों की मांग: तकनीकी निरीक्षण और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नौणी पंचायत के किन गांवों में बिजली संकट है?
मानवां, नौणी, कोठीपुरा, परोही, राजपुरा और नोआ गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है।
बिजली संकट कब से चल रहा है?
सितंबर 2025 से लगातार बिजली गुल रहने की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों ने क्या कार्रवाई की मांग की है?
ग्रामीणों ने पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था का तकनीकी निरीक्षण और लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की है।