मक्की की फसल पर संकट
कांगड़ा जिले के देहरा उपमंडल में फॉल आर्मी वर्म (लश्करी कीड़ा) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे मक्की की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पाईसा पंचायत के चुहाड़, दसमां, चाहड़ा, जुकनंडी और जखूई सहित कई गांवों के किसान इस कीट के हमले से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कृषि विभाग की टीम अब तक मौके पर नहीं पहुंची है।
किसानों की समस्या
स्थानीय किसान करनैल सिंह, विजय सिंह, हरनाम सिंह, अजय सिंह, महिंद्र सिंह, बिट्टू और सतीश ने बताया कि उन्होंने अपने खर्चे पर महंगी दवाएं खरीदकर फसल पर स्प्रे किया था, जिससे कुछ दिन राहत मिली। लेकिन करीब 10 दिन बाद कीट ने फिर से हमला कर दिया और अब कई खेतों की फसल पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर है। किसानों ने कृषि विभाग से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम जल्द प्रभावित गांवों का दौरा करे और मुफ्त दवा व स्प्रे पंप उपलब्ध कराए।
कृषि विभाग का रुख
कृषि विभाग देहरा के विषय वाद विशेषज्ञ (एसएमएस) रंजन कमल ने कहा कि विभाग की टीम मंगलवार को संबंधित गांवों का दौरा करेगी। उन्होंने कहा, 'किसान फॉल आर्मी वर्म से बचाव की दवा विभागीय कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।' विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल की नियमित निगरानी करें और कीट के लक्षण दिखने पर तुरंत उपाय करें।
किसानों के लिए सुझाव
- फसल में फॉल आर्मी वर्म के लक्षण (पत्तियों पर छेद, मलबा) दिखने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें।
- अनुशंसित कीटनाशकों का ही प्रयोग करें और स्प्रे करते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं।
- प्रभावित क्षेत्रों में फसल चक्र अपनाएं और मक्की की अगेती किस्मों का चयन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
फॉल आर्मी वर्म क्या है?
फॉल आर्मी वर्म एक आक्रामक कीट है जो मक्की की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह तेजी से फैलता है और फसल को नष्ट कर सकता है।
किसान इस कीट से कैसे बचाव कर सकते हैं?
किसान कृषि विभाग से संपर्क कर उचित कीटनाशक प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही फसल की नियमित निगरानी और समय पर स्प्रे करना जरूरी है।
कृषि विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
कृषि विभाग देहरा की टीम मंगलवार को प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और किसानों को मुफ्त दवा व स्प्रे पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।