मुख्य तथ्य
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 8 जुलाई 2026 को हुए पुलिस एनकाउंटर में 12 वर्षीय बालिका के रेप-हत्या के आरोपी प्रभाष मंडल की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अपराध स्थल पुनर्निर्माण के दौरान मंडल ने एक पुलिसकर्मी से सेवा हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने गोली चला दी। इस घटना के बाद कई नागरिक संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग की है।
विस्तृत जानकारी
नागरिक संगठनों की प्रतिक्रिया
अमरा एक सचेतन प्रयास के सुभा प्रोतिम रॉय चौधरी ने कहा, “उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करेंगे, एनकाउंटर की वास्तविक जांच सुनिश्चित करेंगे, और सभी अपराधों के लिए दोषियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दिलाएंगे।” लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण संघ (APDR) ने कलकत्ता हाई कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा जांच की मांग की है। APDR के उपाध्यक्ष रणजीत सूर ने कहा, “हमें लगता है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था। हम मांग करते हैं कि तीनों घटनाओं—बालिका के रेप-हत्या, एक युवक की भीड़ द्वारा हत्या, और प्रभाष मंडल के एनकाउंटर—की जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा की जाए।”
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
MASUM के किरीटी रॉय ने कहा कि पुलिस ने रात 1 बजे बिना किसी कैमरे के अपराध स्थल का पुनर्निर्माण किया, जो विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने कहा, “संविधान, सुप्रीम कोर्ट के 2014 और 1997 के फैसलों और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के एनकाउंटर दिशानिर्देशों के अनुसार, बारुईपुर पुलिस के खिलाफ प्रभाष मंडल की हत्या में FIR दर्ज की जानी चाहिए।” भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने भी न्यायिक जांच की मांग की है।
तथ्य-खोज रिपोर्ट
पश्चिम बंगा खेत-मजदूर समिति, श्रमजीवी महिला समिति, भूखा मनुषेर अभियान और अमरा एक सचेतन प्रयास द्वारा जारी तथ्य-खोज रिपोर्ट में स्थानीय भाजपा नेता शांतनु मंडल की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपी आनंद सरदार को पुलिस हिरासत से रिहा कराया। रिपोर्ट में कहा गया, “सभी आरोपियों, जिसमें शांतनु मंडल भी शामिल है, को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह जांच की जानी चाहिए कि क्या अपहरण, रेप और हत्या एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी।”
गिरफ्तारियां और आगे की कार्रवाई
बारुईपुर पुलिस ने भीड़ हिंसा और पुलिस पर हमले के मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 35 हो गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में बारुईपुर का दौरा किया था और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी, अगले सप्ताह फिर से क्षेत्र का दौरा कर सकते हैं।
प्रभाव और आगे की राह
इस घटना ने पश्चिम बंगाल में पुलिस एनकाउंटर और न्यायिक प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है। नागरिक संगठनों का कहना है कि पारदर्शी जांच के बिना न्याय संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और NHRC के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
FAQ
प्रभाष मंडल कौन था?
प्रभाष मंडल बारुईपुर में 12 वर्षीय बालिका के रेप और हत्या के मामले में मुख्य आरोपियों में से एक था, जो 8 जुलाई 2026 को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
नागरिक संगठनों ने क्या मांग की है?
नागरिक संगठनों ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच, कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में जांच, और पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
इस मामले में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं?
बारुईपुर पुलिस ने भीड़ हिंसा और पुलिस पर हमले के मामले में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 35 हो गई है।