मुख्य तथ्य
सोलन जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को 6.67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि जिले भर में 10 सड़कें बंद हो गई थीं। जल शक्ति विभाग की एक दर्जन पेयजल योजनाओं में गाद भर जाने से पानी की आपूर्ति ठप है।
कालका-शिमला एनएच पर खतरा
कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर कुमारहट्टी के पास स्थिति सबसे गंभीर है, जहां सड़क को वन-वे कर दिया गया है। कंडाघाट टनल और वाकनाघाट के समीप भी भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। लगातार पत्थर गिरने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान
लोनिवि के अनुसार, जिले भर में करीब 10 सड़कें बंद हुई थीं, जिनमें से कुछ को कड़ी मशक्कत के बाद खोल दिया गया है। इस आपदा से लोनिवि को अब तक लगभग 6.67 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सोलन-जौणाजी मार्ग पर पहाड़ी दरकने से आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर मलबा और पेड़ गिर गए थे, जिसे लोनिवि और विद्युत बोर्ड की टीमों ने हटाकर यातायात बहाल कर दिया।
पेयजल संकट गहराया
जल शक्ति विभाग की करीब एक दर्जन पेयजल योजनाओं में गाद भर जाने से पानी की लिफ्टिंग प्रभावित हुई है। शहर में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। यदि मौसम ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में पेयजल किल्लत गहरा सकती है।
अन्य घटनाएं
सब्जी मंडी के पास फोरलेन पर जलभराव
सब्जी मंडी सोलन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग (फोरलेन) पर ड्रेनेज सिस्टम ठप होने से पानी जमा हो गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
वार्ड नंबर 12 में डंगा गिरा, स्कूटी दबी
शहर के वार्ड नंबर 12 में अचानक एक भारी डंगा गिर गया, जिसके मलबे में सड़क किनारे पार्क एक स्कूटी दब गई। इस घटना से मुख्य मार्ग पर यातायात ठप हो गया। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य कर स्कूटी को बाहर निकाला।
FAQ
कालका-शिमला नेशनल हाइवे पर क्या स्थिति है?
भारी बारिश के कारण पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है। कुमारहट्टी के पास सड़क को वन-वे कर दिया गया है, जबकि कंडाघाट टनल और वाकनाघाट के समीप भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
सोलन जिले में कितनी सड़कें बंद हुईं और कितना नुकसान हुआ?
जिले भर में करीब 10 सड़कें बंद हुई थीं, जिनमें से कुछ को बहाल कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग को अब तक लगभग 6.67 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
पेयजल आपूर्ति पर क्या असर पड़ा है?
जल शक्ति विभाग की करीब एक दर्जन पेयजल योजनाओं में गाद भर गई है, जिससे पानी की लिफ्टिंग प्रभावित हुई है। शहर में पानी की सप्लाई ठप है और संकट गहराने की आशंका है।
सोलन-जौणाजी मार्ग पर क्या हुआ?
इस मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक जगहों पर मलबा, पत्थर और पेड़ गिर गए थे, जिससे यातायात ठप हो गया था। लोनिवि और विद्युत बोर्ड की टीमों ने मलबा हटाकर मार्ग बहाल कर दिया।