मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश का असर कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलवे ट्रैक पर साफ देखा गया। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को बारिश के कारण बड़ोग और शोघी के जंगल में भूस्खलन और पत्थर गिरने से कई ट्रेनें घंटों फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
पूरा विवरण
रेलवे बोर्ड के अनुसार, कालका-शिमला 52457 ट्रेन सुबह 3:30 बजे कालका से रवाना हुई, लेकिन सनवारा पहुंचने पर ट्रैक पर पत्थर गिरने की सूचना मिली। ट्रेन को रोककर कुछ देर बाद धर्मपुर के लिए रवाना किया गया। हालांकि, बड़ोग रेलवे स्टेशन से आगे निकलने पर जंगल में गिरे पत्थरों के कारण ट्रेन फंस गई। शोघी के पास भूस्खलन के कारण यह ट्रेन करीब 30 मिनट तक खड़ी रही। अंततः यह ट्रेन निर्धारित समय 8:50 बजे के बजाय 10:50 बजे शिमला पहुंची।
इसी तरह, अप शिवालिक डीलक्स 52451 ट्रेन 40 मिनट और कालका-शिमला एक्सप्रेस 52453 ट्रेन 45 मिनट की देरी से चली। डाउन दिशा में, कालका-शिमला एक्सप्रेस 52458 ट्रेन सुबह 10:55 बजे के बजाय दोपहर 1:10 बजे कालका के लिए रवाना हुई, जो लगभग दो घंटे की देरी थी। शिवालिक डीलक्स 52452 ट्रेन कैथलीघाट रेलवे स्टेशन पर 24 मिनट तक खड़ी रही।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, 'बारिश के दौरान ट्रैक पर पत्थर गिरे थे, जिन्हें टीम ने साफ कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरा ध्यान रखा गया है।' रेलवे बोर्ड की लाइन टीम और गैंगमैन सुबह से ही ट्रैक के आसपास तैनात थे।
प्रभावित क्षेत्र
- शोघी-कैथलीघाट के बीच जंगल में मलबा गिरा
- सोलन-बड़ोग के बीच भूस्खलन
- धर्मपुर-सनवारा के बीच पत्थर गिरे
यात्रियों को सलाह
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बारिश के मौसम में यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक जानकारी लें और संभावित देरी के लिए तैयार रहें। रेलवे प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शिमला में कितनी ट्रेनें भूस्खलन से प्रभावित हुईं?
तीन अप और दो डाउन ट्रेनें प्रभावित हुईं।
सबसे अधिक देरी किस ट्रेन को हुई?
कालका-शिमला 52457 ट्रेन को लगभग दो घंटे की देरी हुई।
रेलवे बोर्ड ने क्या कार्रवाई की?
रेलवे बोर्ड की टीम ने ट्रैक से पत्थर और मलबा हटाया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।