मुख्य तथ्य
बिहार के पटना जिले में स्थित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई 2026 को होने जा रहा है। यह सीट पूर्व विधायक नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद खाली हुई है। नितिन नबीन ने बांकीपुर से लगातार पांच बार जीत दर्ज की थी और वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। इस बार भाजपा ने युवा नेता अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' को मैदान में उतारा है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता को फिर से उम्मीदवार बनाया है। सबसे दिलचस्प मोड़ जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के संस्थापक प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से आया है, जो लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि और चुनावी समीकरण
2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नबीन ने 98,299 वोट (62.66%) हासिल करके रेखा गुप्ता को हराया था, जिन्हें 46,363 वोट (29.55%) मिले थे। जेएसपी की वंदना कुमारी को 7,717 वोट (4.92%) मिले थे, जबकि 1,464 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था। इस बार प्रशांत किशोर के मैदान में होने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
बांकीपुर एक शहरी निर्वाचन क्षेत्र है जिसमें लगभग 4 लाख मतदाता हैं। यहां कायस्थ और वैश्य (व्यापारी) समुदाय का प्रभुत्व है, साथ ही अन्य जातियों की मिश्रित आबादी भी है। कायस्थ समुदाय लगभग 15-20% मतदाता बनाता है, जबकि वैश्य भी बड़ी संख्या में हैं। भाजपा उम्मीदवार कायस्थ समुदाय से हैं, राजद उम्मीदवार वैश्य समुदाय से, और प्रशांत किशोर ब्राह्मण समुदाय से आते हैं।
मतदाताओं की राय
बांकीपुर के किदवईपुरी इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय सुमन धारी सिन्हा, जो पहले भाजपा को वोट देते थे, अब पार्टी से निराश हैं। वे कहते हैं, 'पिछले कई विधानसभा चुनावों से मैं भाजपा को वोट दे रहा था, लेकिन अब पार्टी निराशाजनक हो गई है। इस बार मैं भाजपा को वोट नहीं दूंगा, लेकिन मुकाबला प्रशांत किशोर और अभिषेक सिन्हा के बीच है।' उन्होंने कहा कि भाजपा कुछ भी कर सकती है, लेकिन इंदिरा गांधी भी चुनाव हार चुकी हैं।
वहीं, किराना दुकान के मालिक 50 वर्षीय ज्योति कुमार वर्मा का मानना है कि केवल भाजपा उम्मीदवार ही जीतेगा। वे कहते हैं, 'पिछले नौ विधानसभा चुनावों (नितिन नबीन के पांच कार्यकाल और उनके पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के चार कार्यकाल) से लोगों ने पार्टी पर भरोसा जताया है। इस बार भी उम्मीदवार स्थानीय है और सभी को जानता है। प्रशांत किशोर के मैदान में होने से जीत का अंतर कम हो सकता है, लेकिन हम केवल भाजपा को वोट देंगे।'
हालांकि, युवा मतदाता सुमित कुमार (29) बदलाव चाहते हैं। वे कहते हैं, 'हमें बदलाव चाहिए... कब तक एक ही पार्टी को वोट देते रहेंगे?' वे मानते हैं कि मुकाबला प्रशांत किशोर और अभिषेक सिन्हा के बीच है, और भले ही इस बार भाजपा जीत जाए, अगला चुनाव उसके लिए मुश्किल होगा।
चुनावी तैयारियां और आगे की राह
अभिषेक सिन्हा और रेखा गुप्ता ने 9 जुलाई 2026 को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जबकि प्रशांत किशोर के 11 जुलाई को नामांकन करने की उम्मीद है। नितिन नबीन 10 जुलाई को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं की बैठक में शामिल होने वाले हैं, जिसमें चुनावी तैयारियों और गठबंधन समन्वय पर चर्चा होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बांकीपुर उपचुनाव कब होगा?
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई 2026 को होगा, और परिणाम 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जाएंगे।
बांकीपुर उपचुनाव में मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
मुख्य उम्मीदवारों में भाजपा के अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी', राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता और जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर शामिल हैं।
बांकीपुर सीट किसके लिए जानी जाती है?
बांकीपुर पटना का एक शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जो लगभग 4 लाख मतदाताओं वाला बीजेपी का गढ़ रहा है। यहां कायस्थ और वैश्य समुदाय का प्रभाव है।
प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने से क्या बदलेगा?
प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। कुछ मतदाताओं का मानना है कि इससे बीजेपी के वोट प्रतिशत में कमी आ सकती है, हालांकि पार्टी के वफादार अभी भी उसके साथ हैं।