बनीखेत में बाढ़ का कहर
चंबा जिले के बनीखेत कस्बे में बुधवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। दो घंटे तक लगातार हुई तेज बारिश के कारण पधर बाजार और मुख्य बाजार जलमग्न हो गए। पधर नाले का पानी सड़क पर आ गया और कई दुकानों में घुस गया, जिससे सामान खराब हो गया और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
प्रमुख तथ्य
- बारिश का समय: शाम 6:30 से 8:30 बजे तक
- प्रभावित दुकानें: 8 पक्की दुकानें और 20 अस्थायी दुकानें
- जलमग्न वाहन: तीन बाइकें
- अन्य क्षति: पैदल पुलिया जलमग्न
- स्थान: पधर बाजार और मुख्य बाजार, बनीखेत (चंबा)
प्रभावित व्यापारियों की पीड़ा
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि बारिश शुरू होते ही पानी दुकानों में घुस गया और सामान निकालने का समय नहीं मिला। संदीप अरोड़ा ने कहा, 'बारिश शुरू होने के कुछ ही मिनटों में दुकान में पानी घुस गया और सामान खराब हो गया। इससे काफी आर्थिक नुकसान हुआ।' अतुल कुमार ने कहा, 'इतनी तेज बारिश पहले कभी नहीं देखी। पानी दुकान में घुस आया और सामान निकालने तक का समय नहीं मिला।' गुर बहादुर ने बताया, 'पधर बाजार देखते ही देखते तालाब बन गया। दुकान में कमर तक पानी भर गया। इससे नुकसान ही उठाना पड़ा है।'
जल निकासी व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने जल निकासी व्यवस्था को बाढ़ का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि पधर नाले के चैनलाइजेशन के कारण नाला संकरा हो गया है, जिससे पानी का बहाव तेज हो जाता है और छोटे नालों का पानी मुख्य नाले में नहीं मिल पाता। साथ ही एनएच के किनारे बनी नालियों की निकासी भी ठीक नहीं है। सुभाष कुमार ने कहा, 'नाले का पानी बाजार और दुकानों में घुस आया। जल निकासी व्यवस्था सही होती तो इतनी परेशानी पेश न आती।'
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार रमेश चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उपमंडल अधिकारी डलहौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर भेजी गई है, जो नुकसान और उसके कारणों का आकलन कर रिपोर्ट सौंपेगी।
प्रभावितों की मांग
प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद नालियों की तत्काल सफाई करवाई जाए और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बनीखेत में बाढ़ कब आई?
बुधवार, 9 जुलाई 2026 को शाम 6:30 से 8:30 बजे के बीच दो घंटे की मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ आई।
बाढ़ से कितनी दुकानें प्रभावित हुईं?
8 पक्की दुकानों और 20 अस्थायी दुकानों में पानी घुसा, जिससे सामान खराब हो गया। तीन बाइकें और एक पुलिया भी जलमग्न हो गई।
बाढ़ का मुख्य कारण क्या था?
पधर नाले के चैनलाइजेशन के कारण नाला संकरा हो गया है, जिससे पानी का बहाव तेज हो गया और छोटे नालों का पानी मुख्य नाले में नहीं मिल पाया। साथ ही एनएच के किनारे नालियों की निकासी ठीक नहीं है।
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
तहसीलदार रमेश चौहान ने मौके का जायजा लिया और प्रभावितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उपमंडल अधिकारी अनिल भारद्वाज ने नुकसान के आकलन के लिए टीम भेजी।