सम्मेलन का उद्घाटन और आयोजन
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल टांडा के रेडियोडायग्नोसिस विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय डॉ. हरनाम सिंह मिड टर्म सीएमई का समापन 9 जुलाई 2026 को हुआ। यह सम्मेलन 'हेड एंड नेक रेडियोलॉजी' विषय पर केंद्रित था, जिसमें देशभर के विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने किया। आयोजन अध्यक्ष प्रो. दिनेश सूद और आयोजन सचिव एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति टक्कर कपिला के नेतृत्व में यह आयोजन संपन्न हुआ।
वैज्ञानिक सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान
सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में एम्स नई दिल्ली, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर, आईजीएमसी शिमला और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने आधुनिक निदान और उपचार तकनीकों पर व्याख्यान दिए। इन सत्रों में रेडियोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम शोध और तकनीकी प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।
व्यावहारिक कार्यशालाएं और प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के दौरान अल्ट्रासोनोग्राफी, कैरोटिड डॉप्लर तथा अल्ट्रासाउंड गाइडेड एफएनएसी और बायोप्सी पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इसके अलावा, 18 मौखिक शोध-पत्र और 32 ई-पोस्टर प्रस्तुतियां दी गईं। एक रेडियोलॉजी प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन का महत्व
इस सीएमई ने हेड एंड नेक रेडियोलॉजी के क्षेत्र में चिकित्सकों और शोधार्थियों को नवीनतम जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। टांडा जैसे क्षेत्रीय चिकित्सा संस्थान में इस तरह के आयोजन से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
यह सीएमई कहां आयोजित हुई?
यह दो दिवसीय सीएमई डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल टांडा, कांगड़ा में आयोजित हुई।
सीएमई का विषय क्या था?
सीएमई का विषय 'हेड एंड नेक रेडियोलॉजी' था, जिसमें सिर और गर्दन क्षेत्र की आधुनिक रेडियोलॉजी तकनीकों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
सम्मेलन में 175 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें विशेषज्ञ, शिक्षक और स्नातकोत्तर छात्र शामिल थे।
कार्यशाला में किन विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया?
कार्यशाला में अल्ट्रासोनोग्राफी, कैरोटिड डॉप्लर, तथा अल्ट्रासाउंड गाइडेड एफएनएसी और बायोप्सी पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।