मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल में ओपीडी पर्ची अब नहीं रहेगी मुफ्त
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के क्षेत्रीय अस्पताल में अब ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को 10 रुपये का शुल्क देना होगा। यह निर्णय रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में लिया गया और इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग अस्पताल के रखरखाव, मरम्मत कार्यों और नए उपकरणों की खरीद के लिए किया जाएगा।
नई व्यवस्था पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर आम जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा निशुल्क रहनी चाहिए।
समर्थन में राय
मंडी निवासी प्रोमिला शर्मा का कहना है, 'जो मरीज निजी अस्पतालों में पर्ची के लिए 400-500 रुपये खर्च कर सकते हैं, वे सरकारी अस्पताल में 10 रुपये भी दे सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन ने अच्छी पहल की है।' वहीं, महाजन बाजार के सुमित शर्मा ने कहा, '10 रुपये कोई बड़ी राशि नहीं है। हालांकि जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें शुल्क में छूट मिलनी चाहिए। आखिर यह राशि अस्पताल के विकास और सुविधाओं पर ही खर्च होगी।'
विरोध में राय
सात मील, मंडी के ज्ञान चंद ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा, 'सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। ऐसे में मरीजों से पर्ची के लिए 10 रुपये लेना उचित नहीं है। पहले की तरह यह सुविधा निशुल्क ही रहनी चाहिए।'
जागरूकता की आवश्यकता
देवधार निवासी देविंद्री देवी ने कहा, 'नई व्यवस्था का स्वागत है, लेकिन एक पर्ची कितने दिनों तक मान्य रहेगी, इसकी जानकारी भी अस्पताल प्रबंधन को देनी चाहिए। लोगों को पहले इस संबंध में जागरूक करना जरूरी है।'
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि आरकेएस की बैठक में ओपीडी पर्ची पर 10 रुपये शुल्क लेने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा, 'इस राशि से अस्पताल की सुविधाओं में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।'
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शुल्क से अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार हो सकता है, लेकिन इसे लागू करने से पहले लोगों को जागरूक करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को छूट देना आवश्यक है।
FAQ
मंडी के क्षेत्रीय अस्पताल में ओपीडी पर्ची का शुल्क कितना हुआ?
अब ओपीडी पर्ची के लिए 10 रुपये शुल्क देना होगा।
यह शुल्क क्यों लागू किया गया?
रोगी कल्याण समिति के निर्णय के बाद यह शुल्क अस्पताल के रखरखाव, मरम्मत और नए उपकरणों की खरीद के लिए लागू किया गया है।
क्या गरीब मरीजों को शुल्क में छूट मिलेगी?
अभी तक छूट की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन लोगों ने आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए छूट की मांग की है।
यह व्यवस्था कब से लागू हुई?
यह व्यवस्था 8 जुलाई 2026 से लागू की गई है।