जनगणना में बड़ी चुनौती: बंद और खाली मकान
शिमला में जनगणना के पहले चरण के कार्य में बंद और खाली मकानों की बड़ी संख्या ने अधिकारियों के लिए चुनौती पैदा कर दी है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर में अब तक लगभग 7,000 मकान ऐसे मिले हैं जो बंद पड़े हैं, जबकि 12,000 मकान खाली पाए गए हैं। इन मकानों की गणना पूरी करने के लिए टीमें दोबारा दौरा करेंगी।
83% काम पूरा, 10 जुलाई तक लक्ष्य
शिमला नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को निगम कार्यालय में हुई बैठक में जनगणना की प्रगति की समीक्षा की गई। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में जनगणना का 83% कार्य पूरा हो चुका है। कुल 84,000 मकानों में से 63,000 मकानों की गणना हो चुकी है। शेष मकानों की गणना 10 जुलाई तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेशभर में पहले चरण का काम 15 जुलाई तक पूरा होना है, लेकिन निगम ने शहर में 10 जुलाई तक ही इसे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पुनर्गणना की रणनीति
निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने निर्देश दिए कि जो मकान बंद मिले हैं, उनमें दोबारा दौरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कई लोग नौकरी या अन्य कारणों से दिन के समय घर से बाहर रहते हैं, इसलिए शाम या छुट्टी के दिन जाकर इनकी गणना पूरी की जाए। टीमों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी मकान गणना से छूट न जाए।
शहर की जनगणना: अब तक की स्थिति
- कुल मकान: 84,000
- गणना पूर्ण: 63,000 (83%)
- बंद मकान: 7,000
- खाली मकान: 12,000
- लक्ष्य तिथि: 10 जुलाई 2026 (शहर), 15 जुलाई 2026 (प्रदेश)
FAQ
शिमला में कितने मकान बंद मिले हैं?
शिमला में जनगणना के दौरान लगभग 7,000 मकान बंद पाए गए हैं।
शिमला में कितने मकान खाली हैं?
शहर में करीब 12,000 मकान खाली मिले हैं, जिनमें रहने वाले नहीं हैं।
जनगणना का काम कब तक पूरा करने का लक्ष्य है?
शिमला नगर निगम ने 10 जुलाई 2026 तक पहले चरण की गणना पूरी करने का लक्ष्य रखा है, जबकि प्रदेश स्तर पर 15 जुलाई तक का समय है।
बंद मकानों की गणना कैसे होगी?
टीमें शाम या छुट्टी के दिन दोबारा इन मकानों का दौरा करेंगी, क्योंकि लोग दिन में नौकरी या अन्य कारणों से घर पर नहीं होते।